चम्बा – भूषण गुरुंग
मृतकों के नाम पर सरकारी पेंशन खातों से रकम निकलती रही और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन की यह राशि महीनों तक निकाली जाती रही। अब इसी कथित फर्जीवाड़े की जांच में सीबीआई ने कार्रवाई तेज करते हुए चंबा जिला में एक सब-पोस्टमास्टर के आवास पर छापेमारी की है।
जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं। इस मामले में सीबीआई पहले ही तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर चुकी है। मामला कांगड़ा जिला में सामाजिक सुरक्षा पेंशन वितरण से जुड़ा है।
सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, शिमला के अनुसार मृत हो चुके 19 लाभार्थियों के खातों से कथित तौर पर 9.02 लाख रुपए की पेंशन राशि निकाली गई। आरोप डाक मंडल धर्मशाला के अंतर्गत मंड मंजवां शाखा डाकघर में वर्ष 2012 से तैनात शाखा डाक अधिकारी होशियार सिंह पर लगे हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार लाभार्थियों की मृत्यु के बाद भी उनके खातों से धन निकासी जारी रही। आरोप है कि इसके लिए फर्जी निकासी प्रपत्र तैयार किए गए और उन पर जाली अंगूठे के निशान लगाए गए। इन दस्तावेजों के आधार पर खातों से पेंशन राशि निकालकर उसका इस्तेमाल निजी लाभ के लिए किया गया।
सीबीआई जांच में सामने आया है कि 6 जून, 2024 से 13 सितंबर 2025 के बीच यह कथित फर्जीवाड़ा चलता रहा। इस अवधि में कुल 9 लाख 2 हजार रुपए की सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि निकाली गई।
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले का गोपनीय सत्यापन किया। प्रारंभिक जांच में आरोपों के समर्थन में साक्ष्य मिलने पर एजेंसी ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज कीं और विस्तृत जांच शुरू कर दी। सोमवार को चंबा में की गई छापेमारी इसी जांच का हिस्सा है।
सूत्रों के अनुसार सीबीआई टीम ने पेंशन भुगतान, खातों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई अहम दस्तावेज जुटाए हैं। एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित गबन अकेले किया गया या फिर इसमें अन्य लोगों की भी भूमिका रही। मामले की जांच सीबीआई निरीक्षक अंकुर शर्मा को सौंपी गई है।
सीबीआई के पुलिस अधीक्षक राजेश चहल के निर्देशन में जांच टीम बैंक रिकॉर्ड, डाक विभाग के वित्तीय दस्तावेज, डिजिटल लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं विभागीय स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं हुई है।

