तबादला आदेश हाथ में, फिर भी मरीजों की सेवा में जुटे रहे डॉक्टर लक्की शर्मा; फिर हटाई नेम प्लेट

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हिमखबर डेस्क

मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में तैनात इकलौते हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. लक्की शर्मा के प्रतिनियुक्ति पर टांडा भेजे जाने के निर्देश के बाद भी वीरवार को उनकी ओपीडी में मरीजों की काफी भीड़ रही। तबादला आदेश मिलने बावजूद मरीजों का चेकअप कर चिकित्सक यहां से रिलीव हुए।

सुबह नौ बजे से ही मरीज ओपीडी नंबर-216 के बाहर पहुंचना शुरू हो गए हैं। किसी को दवाइयों की चिंता है तो किसी को आगे के रूटीन चेकअप और इलाज की। चिकित्सक भी एक-एक मरीज को ध्यान से देख रहे हैं और दवाइयों के बारे में समझा रहे हैं।

समय : सुबह 10 बजे, स्थान : ह्दय रोग ओपीडी नंबर-216। ओपीडी रूम में मरीजों की कतार लगी है। डॉ. शर्मा लगातार मरीजों की जांच कर रहे हैं। सुबह 9 से 10 बजे के बीच ही करीब 15 मरीजों का चेकअप किया जा चुका है। मरीज अपनी बारी का इंतजार करते हुए आपस में एक ही चर्चा कर रहे हैं कि अब दिल के रोगियों का इलाज कौन करेगा।

कई मरीजों को अभी तक चिकित्सक के टांडा जाने की जानकारी नहीं है। जैसे ही उन्हें इसका पता चलता है, उनके चेहरे पर चिंता की लकीरें झलक गई हैं। डॉ. शर्मा मरीजों को एक माह की दवाइयां लिख रहे हैं, ताकि उन्हें तत्काल किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही किसी आपात स्थिति या विशेष जांच की जरूरत पड़ने पर टांडा मेडिकल कॉलेज आने की सलाह भी दे रहे हैं।

समय : दोपहर 12:30 बजे। करीब साढ़े तीन घंटे तक लगातार मरीजों को देखने के बाद डॉ. शर्मा अपनी ओपीडी से बाहर निकलने की तैयारी कर रहे हैं। उनके हाथ में तबादले के आदेश हैं और बाहर अब भी कुछ मरीज अंतिम सलाह लेने के लिए खड़े हैं। चिकित्सक सभी को भरोसा दिलाते हैं कि फिलहाल उन्हें एक माह के लिए प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। इसके बाद की स्थिति आगामी आदेशों पर निर्भर करेगी।

इस बीच ओपीडी नंबर-216 के बाहर लगी हृदय रोग विशेषज्ञ की नेम प्लेट भी हटा दी गई है। यह दृश्य मरीजों के लिए किसी झटके से कम नहीं था। अब मेडिकल कॉलेज में हृदय रोगियों की प्राथमिक जांच मेडिसिन विशेषज्ञों द्वारा की जाएगी, जबकि विशेष परामर्श और जटिल मामलों के लिए मरीजों को टांडा का रुख करना पड़ सकता है।

प्रोमिला देवी निवासी नादौन के बोल

डॉक्टर ने चेकअप के लिए बुलाया था। अब एक माह के लिए दवाई लिखी है। अगर चेकअप की आवश्यकता होगी तो हमें अब टांडा ही जाना पड़ेगा। यहां पर बिना चिकित्सक के मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

कमलेश कुमारी, निवासी ऊहल के बोल

हमें जानकारी नहीं थी कि चिकित्सक का तबादला हो गया है। डाॅक्टर ने दवाई बदल कर दी है। यहां पर एक ही चिकित्सक है, उनके तबादले के आदेश सुनकर हमें विश्वास नहीं हो रहा है। सरकार को इस संबंध में सोचना चाहिए।

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