नूरपुर – स्वर्ण राणा
हिमाचल निकाय चुनाव में नूरपुर नगर परिषद में भाजपा की हार के बाद पार्टी के भीतर आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। वीरवार को पूर्व वन मंत्री राकेश पठानियां ने जाच्छ स्थित अपने आवास पर सांसद डा. राजीव भारद्वाज और विधायक रणवीर निक्का पर तीखा हमला बोला।
राकेश पठानियां ने कहा कि नगर परिषद चुनाव पूरी तरह सांसद और विधायक के नेतृत्व में लड़ा गया तथा सारी रणनीति उन्हीं की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें चुनाव प्रक्रिया से पूरी तरह अलग रखा गया और अब हार के बाद भितरघात का आरोप लगाकर उन्हें जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
पूरी रणनीति के बाद परिस्थितियां बदली गईं
पूर्व मंत्री ने कहा कि निकाय और जिला परिषद चुनाव को लेकर एक माह पहले संगठन की बैठक में प्रभारी, सह प्रभारी, सांसद, जिला अध्यक्ष और जिला महामंत्री की मौजूदगी में रणनीति तय हो चुकी थी। इसके बावजूद बाद में परिस्थितियां बदली गईं।
उन्होंने आरोप लगाया कि फतेहपुर क्षेत्र में चारों जिला परिषद वार्डों में उनके और पार्टी समर्थित प्रत्याशियों के खिलाफ उम्मीदवार खड़े किए गए।
..तब भितरघात नहीं दिखा
पठानियां ने कहा कि जो लोग आज भितरघात का आरोप लगा रहे हैं, वे यह भी बताएं कि भाजपा सरकार के दौरान उनके वन मंत्री रहते हुए नूरपुर में आयोजित परिवर्तन रैली में विधायक रणवीर निक्का के पोस्टर लगाए गए और लगातार उनके खिलाफ माहौल बनाया जाता रहा।
राकेश पठानियां ने कहा कि उस समय सांसद डा. राजीव भारद्वाज प्रदेश सह प्रभारी थे, लेकिन उन्हें तब अनुशासनहीनता नजर नहीं आई।
यदि कोई पोस्टर पर मेरी तस्वीर लगाता है तो क्या करें
उन्होंने कहा कि वह वर्ष 1996 से नूरपुर से चुनाव लड़ रहे हैं और क्षेत्र के लोगों से उनके पारिवारिक संबंध हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई व्यक्ति पोस्टर पर उनकी तस्वीर लगाता है तो यह उसका व्यक्तिगत निर्णय है और किसी को चुनाव लड़ने से रोका नहीं जा सकता।
मुझे दरकिनार करने का हुआ नुकसान
पूर्व मंत्री ने कहा कि नगर परिषद चुनाव में उन्हें पूरी तरह दरकिनार किया गया, जिसका नुकसान भाजपा को उठाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि नूरपुर में पिछले पौने चार वर्षों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने कहा कि मातृ-शिशु अस्पताल, फिन्ना सिंह नहर और कालेज सहित कई परियोजनाओं का काम लटका हुआ है।
मुझ पर उंगली उठाने का कोई अधिकार नहीं
पठानियां ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में नगर परिषद नूरपुर के लिए 5 करोड़ 75 लाख रुपये की राशि जारी की गई थी, जबकि सांसद द्वारा बाजार विकास के लिए केवल 30 लाख रुपये दिए गए।
उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में नूरपुर को पुलिस जिला, टिंबर और फॉरेंसिक लैब सहित कई नए कार्यालय मिले। राकेश पठानिया ने कहा कि जो लोग खुद विकास करवाने और नूरपुर के हितों की रक्षा करने में असफल रहे हैं, उन्हें मुझ पर उंगली उठाने का कोई अधिकार नहीं है।
इससे पहले राकेश पठानियां समर्थित जिला परिषद प्रत्याशी उनके जाच्छ स्थित आवास पहुंचे और आगामी चुनावों के लिए आशीर्वाद लिया। पठानिया ने प्रत्याशियों को पटका पहनाकर चुनाव में जीत की शुभकामनाएं दीं।

