हिमखबर डेस्क
एचआरटीसी में समय पर वेतन न मिलने पर एचआरटीसी कंडक्टर यूनियन ने निगम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है।
एचआरटीसी स्टेट कंडटर यूनियन ने निगम प्रबंधन को पत्र लिखकर चेतावनी जारी की है कि 1 जून तक वेतन जारी नहीं किया गया तो 2 जून को कंडक्टर यूनियन मजबूर होकर काम छोड़ो आंदोलन शुरू करेगी। जिसकी जिम्मेदारी निगम प्रबंधन और सरकार की होगी।
यूनियन ने साफ किया कि कंडक्टर बसों में नहीं चढ़ेंगे और प्रदर्शन करेंगे। एचआरटीसी स्टेट कंडक्टर यूनियन के महासचिव दिपेंद्र कंवर ने कहा कि पिछले कई महीनों से निगम के कर्मचारियों को वेतन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
बिना आंदोलन के वेतन खातों में नहीं आ रहा है। निगम कर्मचारियों को देरी से वेतन जारी करने को लेकर अब नाराजगी बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से कर्मचारियों को देरी से वेतन मिल रहा है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यूनियन ने मांग की है कि अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह निगम कर्मचारियों को भी हर महीने की पहली तारीख को वेतन दिया जाए। साथ ही मई माह का वेतन 1 जून तक जारी करने की मांग की गई है।
पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि 1 जून तक वेतन जारी नहीं किया गया तो 2 जून यूनियन मजबूर होकर काम छोड़ो आंदोलन शुरू करेगी। यूनियन ने इसके लिए निगम प्रबंधन और सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
बैंक ऋण की किस्त समय पर न जाने से डिफाल्टर हो रहे घोषित
यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि अधिकतर कर्मचारियों ने किसी न किसी कार्य के लिए बैंक ऋण लिए हैं। जिनकी किस्त हर माह के पहले सप्ताह में बैंक खातों से कटती है। लेकिन जब बैंक खाते में वेतन ही नहीं आएगा तो किस्त कहां से कटेगी। इस कारण जहां हर माह किस्त भरने के लिए पैनल्टी लग रही है।
वहीं कर्मचारी बैंक डिफाल्टर बन रहे हैं। यही नहीं बच्चों की स्कूल फीस और घरेलू खर्चों को संभालना मुश्किल हो गया है। ऐसे में निगम प्रबंधन समय पर कर्मचारियों को वेतन जारी करें।

