कॉकरोच जनता पार्टी: CJI की एक टिप्पणी और खड़ा हो गया एक नया दल, BJP को भी छोड़ा पीछे!

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हिमखबर डेस्क

कॉकरोच जो हर घर के किचन में कहीं न कहीं जरूर दिखाई देता है और उसे देखते ही लोग चप्पल उठाकर उसे मारने को दौड़ते हैं। लेकिन अब वही कॉकरोच युवाओं की आवाज बनने जा रहा है। जी हां, हम बात कर रहे हैं कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) की।

कॉकरोज जनता पार्टी की युवाओं में दिवानगी इस कदर बढ़ रही है कि इस पार्टी ने महज चार दिन में ही दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा को सोशल मीडिया पर पछाड़ दिया है। ऐसी हवा बन रही है कि ये पार्टी युवाओं की है, Gen Z की है, जो देश में खामियों को ठीक करने के लिए आवाज उठा रही है, उठाएगी।

CJP के इंस्टाग्राम पर 11.3 मिलियन फोलोअर्स हो चुके हैं, जबकि भाजपा के 8.7 मिलियन फॉलोअर्स हैं। इंस्टाग्राम पर कॉकरोच जनता पार्टी ने कुछ वीडियो भी पोस्ट किए हैं, जिन पर व्यूज 1 करोड़ तक जा चुके हैं। हालांकि सभी फॉलोअर्स को यह पार्टी पसंद है ये मानना सही नहीं होगा, लेकिन बढ़ती संख्या जरूर सभी की चर्चा का विषय बन चुकी है।

हालांकि, अभी तक यह भारत निर्वाचन आयोग में पंजीकृत मुख्यधारा की राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित नहीं है। इसे फिलहाल सोशल-मीडिया-चालित जनअभिव्यक्ति और व्यंग्यात्मक राजनीतिक कैंपेन के रूप में देखा जा रहा है।

कैसे चर्चा में आई CJP?

16 मई, 2026 को डिजिटल क्रिएटर अभिजीत दिपके द्वारा स्थापित, CJP खुद को ‘आलसी और बेरोजगारों की आवाज’ के रूप में पेश करती है। यह इस विचार का समर्थन करती है कि युवा एक मजबूत, फिर भी अक्सर नजरअंदाज किया जाने वाला, उपेक्षित वर्ग हैं और इसका आदर्श वाक्य है: ‘धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक, आलसी।’ इसकी सदस्यता उन युवाओं पर केंद्रित है जो हर समय ऑनलाइन रहते हैं और जिन्हें अक्सर अपनी भड़ास निकालने की आदत होती है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह अभियान एक कथित न्यायिक टिप्पणी के विरोध के बाद शुरू हुआ, जिसमें बेरोजगार युवाओं को “cockroach” कहे जाने पर सोशल मीडिया में प्रतिक्रिया हुई। उसी को प्रतीक बनाकर “Main Bhi Cockroach” जैसे नारों के साथ यह ट्रेंड वायरल हुआ।

दरअसल सुप्रीम के मुख्या न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक सुनवाई के दौरान फर्जी दस्तावेजों के सहारे कानूनी और मीडिया क्षेत्र में घुसने वाले लोगों को कॉकरोच और परजीवी कहा था। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे बेरोजगार युवाओं और आरटीआई कार्यकर्ताओं पर तंज समझ लिया। इसके विरोध में डिजिटल एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके ने X पर @CJP_2029 हैंडल और cockroachjantaparty.org वेबसाइट बनाकर कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत की।

बड़े नेताओं का मिला समर्थन

इस डिजिटल आंदोलन को तब और हवा मिली जब विपक्ष महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद जैसे बड़े नेताओं ने इसमें शामिल होने की इच्छा जताई। TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने मजाक में एंटी नेशनल पार्टी का कार्ड धारक सदस्य बनने की बात कही, जिसे पार्टी ने स्वीकार कर लिया।

वहीं, पूर्व क्रिकेटर और TMC सांसद ने पार्टी से जुड़ने की योग्यता पूछी, जिस पर CJP ने जवाब दिया कि उनका 1983 का वर्ल्ड कप जीतना ही काफी है।

पार्टी ने जारी किया पांच सूत्रीय घोषणा पत्र

भले ही इस पार्टी की शुरुआत एक मजाकिया तौर पर हुई हो, लेकिन बढ़ती लोकप्रियता के चलते पार्टी ने अब अपना पांच सूत्रीय घोषणा पत्र जारी कर दिया है।

रिटायरमेंट के बाद पद नहीं: पार्टी के अनुसार किसी भी मुख्य न्यायाधीश को रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा सीट या सरकारी पद नहीं मिलेगा।

वोटर सुरक्षा: अगर किसी वैध वोटर का नाम लिस्ट से कटा तो मुख्य चुनाव आयुक्त पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

महिला आरक्षण: संसद और कैबिनेट में महिलाओं को 50फीसदी आरक्षण देने की बाद कही गई है।

स्वतंत्र मीडिया: बड़े अरबपतियों के मालिकाना हक वाले मीडिया घरानों के लाइसेंस रद्द हों।

दलबदल पर रोक: यदि कोई राजनेता अपना दल बदलता है तो उस नेता के चुनाव लड़ने पर 20 साल का बैन लगाया जाएगा।

मुख्य न्यायाधीष ने दिया स्पष्टीकरण

सोशल मीडिया पर CJP की बढ़ती लोकप्रियता को देख मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने साफ किया कि उनके बयान को मीडिया के एक हिस्से ने गलत तरीके से पेश किया। उन्होंने कहा कि उनका इशारा केवल फर्जी डिग्री लेकर आने वाले जालसाजों की तरफ था, न कि देश के बेरोजगार युवाओं की ओर।

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