हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश में आर्थिक संकट के बीच सुक्खू सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने अन्य राज्यों से हिमाचल प्रदेश में रेत और बजरी लाने वाले वाहनों पर टैक्स लगाने का ऐलान किया है। इस सबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के इंडस्ट्री विभाग की तरफ से ये आदेश जारी किए गए हैं। सरकार ने अन्य राज्यों से हिमाचल प्रदेश में खनिज लाने वाहनों पर चेक पोस्ट संचालन और इंफ्रास्ट्रक्चर शुल्क लागू किया है।

- आदेशों के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली और छोटे वाहनों से 1000 रुपये,
- सिंगल एक्सल वाहनों से 1500 रुपये और मल्टी एक्सल वाहनों से 3000 रुपये एंट्री टैक्स लिया जाएगा और हर एंट्री पर टैक्स देना होगा।
हिमाचल प्रदेश लघु खनिज (रियायत) एवं (अवैध खनन, परिवहन व भंडारण की रोकथाम) नियम, 2015 के नियम 80(1) तथा खनिज एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) आरडी नजीम ने अपने आदेशों में कहा कि सरकार की तरफ से यह कदम अवैध खनन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए किया गया है।

इस फैसले से खनिजों के परिवहन और भंडारण को नियंत्रित किया जाएगा। इससे न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। बताया जा रहा है कि इस टैक्स से सरकार को 30 करोड़ सालाना आय होने का अनुमान है।
पंजाब भी लेता है टैक्स
अधिसूचना के अनुसार, इस संबंध में विभाग हिमाचल में एंट्री करने वाले खनिज वाहनों के मालिकों या चालकों को कन्फर्मेशन रसीद देगा। गौर रहे कि इस तरह का टैक्स पंजाब भी लेता है और हिमाचल से अगर कोई वाहन रेत बजरी लेकर पंजाब में जाता है तो उन्हें टैक्स देना पड़ता है।
एंट्री टैक्स को लेकर हुआ था विवाद
गौरतलब है कि इससे पहले, सुक्खू सरकार ने बाहरी राज्यों की गाड़ियों पर स्टेट एंट्री टैक्स में भारी इजाफा किया था। इस पर काफी विवाद हुआ था औऱ सरकार को इस फैसले पर यूटर्न लेना पड़ा था और एंट्री टैक्स की दरों में बदलाव करना पड़ा था।

