हिमखबर डेस्क
उम्र केवल एक संख्या है, यदि परिवार का साथ, सेवा और स्नेह साथ हो तो जीवन हर पड़ाव पर उत्सव बन जाता है। हमीरपुर जिले के ग्राम पंचायत ऊखली के गांव फाफण की निवासी कलासी देवी ने 104 वर्ष की आयु पूरी कर एक अनोखी मिसाल पेश की है।
उनका जन्मदिन हाल ही में परिवार और ग्रामीणों के बीच बेहद खुशी और भावुक माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर घर में उत्सव जैसा माहौल रहा, जहां नाती, बहू और रिश्तेदारों ने मिलकर केक काटा और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
इस खास मौके पर हर किसी की नजर उनकी सादगी, मुस्कान और उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी सक्रियता पर ठहर गई। 104 साल की उम्र में भी उनका स्वस्थ और प्रसन्न रहना सभी के लिए प्रेरणा का विषय बना रहा।

कलासी देवी की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के पीछे उनके परिवार की सेवा और स्नेह को सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। उनके नाती संजीव कुमार, जो भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं, बचपन से ही उनके साथ रहे हैं और आज भी पूरी निष्ठा से उनकी देखभाल कर रहे हैं। देश सेवा के बाद अब वे अपनी नानी की सेवा को ही अपना सबसे बड़ा धर्म मानते हैं।
वहीं उनकी बहू सीमा देवी का योगदान भी कम नहीं है। परिवार का कहना है कि उनकी दिन-रात की देखभाल और समर्पण के कारण ही कलासी देवी आज भी स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी रही हैं। उन्होंने बुजुर्गों के प्रति सेवा और सम्मान की एक सच्ची मिसाल पेश की है।
इस दौरान सीमा देवी ने कहा कि बुजुर्ग परिवार की सबसे अनमोल धरोहर होते हैं और उनकी सेवा करना सौभाग्य की बात है। कलासी देवी का यह जन्मदिन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि परिवार, संस्कार और सेवा की एक प्रेरणादायक कहानी बन गया, जो समाज को बुजुर्गों के सम्मान का संदेश देता है।

