हिमखबर डेस्क
कहतें हैं कि मेहनत का फल जरूर मिलता है। यदि किसी कार्य को पूरा इच्छाशक्ति और लग्न से किया जाए तो वह शुभ फलदायी सिद्ध होता है। मेहनत के बूते 12 क्विंटल आलू की फसल उगाकर हमीरपुर जिला के बरोटी गांव के संजय कुमार ने साबित कर दिया कि खेतों से अच्छी फसल लेकर आर्थिकी को मजबूत किया जा सकता है।
नगर निगम हमीरपुर के वार्ड 14 के बरोटी गांव में अढ़ाई कनाल जमीन से 12 क्विंटल आलू की पैदावार हुई है। गांव के संजय कुमार उन्नत किसान के रूप में उभरे हैं तथा लोग भी उनकी मेहनत का सलाम कर रहे हैं। आलू की यह फसल 105 दिन में पककर तैयार हुई।

अमूमन फसल 90 दिन में तैयार हो जाती है, लेकिन अंकुर देरी से निकलने के कारण इस बार फसल ने तैयार होने में 105 दिन ले लिए। हैरत इस बात की है कि संजय कुमार आलू को मार्केट तक भी नहीं पहुंचाएंगे। घर पर ही पहाड़ी आलू की इतनी डिमांड है कि हाथों हाथ बिक्री शुरू हो गई है।
पहाड़ी आलू 30 रुपए किलोग्राम में खरीदा जा रहा है। किसान संजय कुमार का कहना है कि आलू का बीज लाहुल स्पीति से लाया गया था। दो बार गुडाई तथा चार बार सिंचाई करने के उपरांत फसल तैयार हुई है तथा अच्छी पैदावार है। आलू का साइज भी काफी अच्छा है।
तथा फसल पर किसी रसायन का प्रयोग नहीं किया बल्कि गोबर की खाद से ही इसे तैयार किया है। चार क्विंटल आलू को वह खेतों से घर पहुंचा चुके हैं, जबकि आठ क्विंटल आलू अभी खेतों में ही है। संजय कुमार पेश से चालक हैं तथा साथ में ही खेतीबाड़ी का काम करते हैं।

