हिमखबर डेस्क
उपमंडल की खड़ानाल पंचायत के 19 वर्षीय आयुष की डूबने से हुई मौत के मामले में मंगलवार को नया मोड़ आया है। आयुष की मां रानी देवी और स्थानीय महिलाओं ने पुलिस थाना बैजनाथ पहुंचकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों ने घटनाक्रम और सूचना मिलने में हुई देरी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
मृतक की मां रानी देवी का कहना है कि आयुष 16 अप्रैल को अपने एक दोस्त के साथ गया था, लेकिन उन्हें इस घटना की जानकारी रात 9 बजे दोस्त के पिता के माध्यम से मिली। मां ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में दोनों लड़के दोपहर 12:45 बजे खड्ड की ओर जाते दिखे हैं। साथी युवक शाम 4 बजे अकेला लौटा तो रात तक इस बारे में उन्हें क्यों नहीं बताया गया।
उन्होंने कहा कि यदि समय पर सूचना मिलती तो आयुष को बचाने की कोशिश की जा सकती थी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि घटना स्थल के पास से आयुष के कपड़े तो मिल गए हैं, लेकिन उसका मोबाइल फोन गायब है।

उन्होंने तर्क दिया कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां खड्ड की गहराई इतनी अधिक नहीं है कि डूबने से मौत हो जाए। हालांकि, मां ने फिलहाल किसी पर सीधा आरोप नहीं लगाया है, लेकिन सच्चाई सामने लाने की गुहार लगाई है।
जांच की मांग को लेकर पहुंची महिलाओं के साथ आई एक सोशल मीडिया ब्लॉगर की पुलिस कर्मी से तीखी बहस हो गई, जिससे थाने में कुछ देर के लिए तनाव पैदा हो गया। थाना प्रभारी यादेश ठाकुर ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत करवाया।
बैजनाथ थाना प्रभारी यादेश ठाकुर के बोल
बैजनाथ थाना प्रभारी यादेश ठाकुर ने कहा कि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। इसके साथ ही कॉल डिटेल (सीडीआर भी मंगवाई गई है ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।

