हिमखबर डेस्क
देवभूमि के हमीरपुर जिले का भोरंज उपमंडल इन दिनों एक ऐसी दोहरी त्रासदी का गवाह बना है, जिसने पत्थर दिल इंसान को भी रुला दिया।
ठारा गांव के 36 वर्षीय अजय कुमार, जो चंद दिनों पहले खुशियों के साथ घर से ड्यूटी पर लौटे थे, उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर ने परिवार की दुनिया उजाड़ दी।
किसी को अंदाजा नहीं था कि जिस भाई की लंबी उम्र की दुआ बहन मांगती थी, उसकी आखिरी विदाई इतनी खौफनाक और रहस्यमयी होगी।
दुख की इस घड़ी ने तब और भी भयावह रूप ले लिया जब भाई के बिछड़ने की खबर सुनकर बड़ी बहन अंजना कुमारी अपने मायके पहुंचीं। जैसे ही उनकी नजर अपने लाडले भाई के बेजान शरीर पर पड़ी, बहन का कलेजा फट गया।
भाई के शरीर पर मिले चोट के निशानों और उसकी संदिग्ध मौत के सदमे को वह सहन नहीं कर पाईं। चीखते-बिलखते अंजना की सांसें अचानक उखड़ गई और भाई की अर्थी उठने से पहले ही बहन ने भी दम तोड़ दिया।

काल के इस क्रूर प्रहार ने एक ही आंगन में दो चिराग बुझा दिए। भाई-बहन के इस अटूट प्रेम की ऐसी मार्मिक परिणति देख हर आंख नम थी। एक तरफ भाई की रहस्यमयी मौत का गम था, तो दूसरी तरफ भाई के वियोग में प्राण त्यागने वाली बहन की ममता।
पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है और ग्रामीण इस बात से स्तब्ध हैं कि आखिर नियति किसी परिवार के साथ इतना निर्दयी खेल कैसे खेल सकती है।
फिलहाल, अजय का अंतिम संस्कार तो कर दिया गया है, लेकिन पीछे छोड़ गया है कई अनसुलझे सवाल। परिजन इस मौत को हत्या करार दे रहे हैं और इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं।
पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है, लेकिन भोरंज के उस घर में छाई खामोशी चीख-चीख कर कह रही है कि एक बहन अपने भाई के बिना इस संसार में एक पल भी रहना गवारा नहीं कर सकी।
इस दोहरी मौत ने न केवल एक हंसते-खेलते परिवार की नींव हिला दी है, बल्कि पूरे हमीरपुर क्षेत्र के जनमानस को झकझोर कर रख दिया है। एक ही चिता की अग्नि में भाई का साया और दूसरी ओर बहन का अटूट स्नेह विलीन होते देख गांव का हर कोना सिसक उठा।
अब सबकी नजरें पुलिसिया जांच पर टिकी हैं, क्योंकि परिजनों का आरोप है कि अजय की मौत सामान्य नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश है।
जब तक इस संदिग्ध मौत की परतों के पीछे का कड़वा सच सामने नहीं आता, तब तक इस शोक संतप्त परिवार और इंसाफ की उम्मीद लगाए ग्रामीणों के कलेजे को ठंडक नहीं मिलेगी।

