हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश में उद्योग स्थापित करने तथा स्टार्टअप ईको सिस्टम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने कई नवाचार किए गए हैं।
सरकार के अनुसार वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से आयोजित स्टार्टअप रैंकिंग के पांचवें संस्करण में हिमाचल को देश के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल किया गया है।
हिम एमएसएमई फेस्ट 2026 के सफल आयोजन से राज्य में स्टार्टअप ईको सिस्टम और अधिक मजबूत हुआ है। प्रदेश को उद्योग निवेशक गंतव्य बनाने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं।
राज्य में युवाओं के स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एक नई हिम स्टार्टअप स्कीम तैयार की जाएगी, जिसके तहत इच्छुक स्टार्टअप और इन्क्यूवेटर को वित्तीय और गैर वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
इस वित्त वर्ष के दौरान कृषि उत्पादों की वैल्यू चेन और वैल्यू एडिशन और मजबूत करने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट थ्री प्रोडक्टस प्रोग्राम को शुरू किया जाएगा, जिसमें हर जिला तीन विशिष्ट उत्पादों की पहचान करेगा और इन्हें औद्योगिक नीति के अंतर्गत सहायता प्रदान की जाएगी।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों की खरीद को बढ़ावा देना है। इससे स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण स्तर पर अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी। सरकार का यह कदम आत्मनिर्भर हिमाचल के निर्माण में सहायक साबित होगा।
प्रदेश के रेशम उत्पादन को विस्तार प्रदान करने के उद्देश्य से इस वित्त वर्ष में हिम सिल्क मिशन शुरू किया जाएगा, जिसके लिए दो करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अतिरिक्त अवसर सृजित होंगे और अनुसूचित जाति के लाभार्थियों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा।
प्रदेश में उद्योग विभाग के माध्यम से 10 हजार हिमाचली युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें कार्य कुशल बनाया जाएगा।
इस पहल के अंतर्गत एनएसडीसी, सीएसआर फंड के सहयोग से प्रत्येक ट्रेनी को प्रति माह दो हजार रुपये का स्टाइपेंड भी दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार राज्य की भौगोलिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए हरित उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान कर रही है और पर्यटन तथा आतिथ्य सत्कार क्षेत्र में निवेश करने के लिए उद्योगपतियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

