काँगड़ा – राजीव जस्वाल
प्रदेश के छह जिलों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने वाले टांडा मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी विभाग में सीनियर रेजिडेंट के 27 पद सृजित कर भरने से हजारों मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। सुपर स्पेशियलिटी वार्ड में चिकित्सकों की कमी दूर होने से मरीजों को इलाज के लिए आईजीएमसी शिमला या अन्य बड़े निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
प्रदेश सरकार का मंत्रिमंडल की बैठक में टांडा मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी विभाग के लिए 27 सीनियर रेजिडेंट के पदों को सृजित कर भरने का निर्णय लोगों के लिए काफी लाभदायक साबित होगा। मौजूदा समय में सुपर स्पेशियलिटी विभाग में चिकित्सकों के सभी पद खाली हैं, जिस कारण परेशानी हो रही है।
टांडा मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी विभाग में कार्डियोलॉजी (हृदय रोग), यूरोलॉजी (गुर्दे और मूत्र रोग), ओनकोलॉजी, नैफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी और गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी सहित विशिष्ट चिकित्सा सेवाएं शामिल हैं। इन विभागों में अत्याधुनिक सुविधाएं और विशेषज्ञ टीम है।
यह टीम जटिल ऑपरेशन जैसे हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और जटिल सर्जरी करती है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में सीनियर रेजिडेंट के 27 पद भरने का लाभ यहां आने वाले मरीजों को मिलेगा। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के सभी विभागों में इनडोर सुविधा यानी मरीजों को दाखिल किया जा सकेगा और ऑपरेशन भी होंगे। सबसे ज्यादा फायदा कार्डियोलॉजी विभाग को होगा।
डॉ. मिलाप शर्मा, प्रिंसिपल, टांडा मेडिकल कॉलेज के बोल
सुपर स्पेशियलिटी विभाग में सीनियर रेजिडेंट के 27 पद भरने के लिए सरकार ने स्वीकृति दे दी है। इससे मरीजों को फायदा मिलेगा। यह मामला सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया गया था। जल्द इन पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इससे मरीजों को काफी लाभ मिलेगा।

