160 ग्राम चरस रखने के अपराध में दोषी को कठोर कारावास और जुर्माना

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मंडी – अजय सूर्या

आज दिनांक 29/03/2025 को विशेष न्यायाधीश –(फॅमिली कोर्ट), मण्डी, जिला मण्डी की अदालत ने एक अहम मामले में फ़ैसला सुनते हुए आरोपी लाल सिंह पुत्र झापट राम, निवासी गाँव पाटन डाकघर कथोग तहसील पधर जिला मण्डी हिमाचल प्रदेश, को चरस रखने का अपराध सिद्ध होने पर 3 वर्ष 1 महीने के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

मामले की जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी मण्डी एवं विशेष लोक अभियोजक, जितेंद्र गोस्वामी (कार्यरत जिला न्यायवादी, मण्डलीय आयुक्त मण्डी, अतिरिक्त प्रभार लोक अभियोजक फॅमिली कोर्ट मण्डी), जिन्होंने इस मामले का अभियोजन किया है; ने बताया कि दिनांक 15/09/2022 को पुलिस थाना सदर की एक पुलिस टीम सामान्य गस्त और नाकाबंदी हेतु लबंडी पुल बिजनी के पास थी।

तभी समय 12:05 दिन को सभी आने जाने वाली छोटी बड़ी गाड़ियों को चेक किया जा रहा था तकरीबन 20-25 गाड़ियों को चेक किया जा चुका था। उसी समय पधर की तरफ से मण्डी की तरफ एक कार एचपी 76 4435 आई, जिसे पुलिस द्वारा चेकिंग के लिए रोका गया।

गाड़ी के रुकने पर चेकिंग के दौरान कार चालक से गाड़ी के दस्तावेज मांगे गए और उसका नाम पता पूछा गया जिस पर कार चालक कुछ घबरा गया और कुछ भी पूछने पर कोई भी सनतोषजन उतर नहीं दे पाया । उक्त व्यक्ति के इस तरह के व्यवहार के कारण पुलिस को उस पर संदेह हुआ और उसकी कार की तलाशी लेना आवश्यक था । तलाशी लेने के लिए सभी आवश्यक औपचारिक्ताओं को पूरा किया गया l

स्वतन्त्र गवाहों के समक्ष उक्त व्यक्ति से उसका नाम व पता पूछा गया । पुलिस द्वारा पूछने पर उनसे अपना नाम और पता लाल सिंह पुत्र झापट राम, निवासी गाँव पाटन डाकघर कथोग तहसील पधर जिला मण्डी हिमाचल बताया । कार की तलाशी ली गई तो उसमें काला रंग की बतीनुमा पदार्थ प्राप्त हुआ था ।

उसे जांचा गया तो अनुभव के आधार पर उक्त पदार्थ चरस पायी गई । बरामद की गई चरस को तोलने पर कुल भार 160 ग्राम पाया गया था । इस मामले में अनवेक्षण पूरा होने पर थाना अधिकारी ने मामले के चालान को माननीय न्यायालय में पेश किया ।

जिला न्यायवादी मण्डी एवं विशेष लोक अभियोजक, जितेंद्र गोस्वामी ने यह भी बताया कि इस मामले में अभियोजन पक्ष ने माननीय न्यायालय के समक्ष 18 गवाह पेश किए । जिनकी गवाही को सही मानते हुए और दोनों पक्षों के तर्क-वितर्क को सुनने के पश्चात माननीय न्यायालय ने इस मामले में उक्त दोषी को नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ (एनडीपीएस) की धारा 20 के तहत 3 वर्ष 1 महीने के कठोर कारावास की सजा सुनाई l मुकद्दमे का अन्वेषण मुख्य आरक्षी भानु प्रताप न0 34 और सहायक उप –निरीक्षक सुमन कुमार ने की थी l

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