लोगों ने चेताया है कि तीन महीने के भीतर मांगों को नहीं माना तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
हिमखबर डेस्क – हमीरपुर
क्षेत्रीय विकास मंच लंबलू के बैनर तले स्थानीय लोगों ने डिनोटिफाई संस्थानों के निर्णय के विरोध में लंबलू बाजार में अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। यहां पर सरकार के निर्णय के विरोध में बकरे के गले में पोस्टर बांधकर यह प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में स्थानीय आठ पंचायतों के लोग, महिला मंडल और युवक मंडल के सदस्य और पंचायत प्रतिनिधि शामिल रहे।
लंबलू बाजार में आक्रोश रैली पहले पंचायत घर के प्रांगण तक पहुंची और यहां पर एकत्र होकर पंचायत प्रतिनिधियों और विकास मंच के पदाधिकारियों ने लोगों को संबोधित भी किया। रैली के बाद ग्रामीणों ने ज्ञापन पत्र नायब तहसीलदार लंबलू को सौंपा। लोगों ने चेताया है कि तीन महीने के भीतर मांगों को नहीं माना तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
लंबलू ग्राम पंचायत प्रधान करतार सिंह चौहान के बोल
लंबलू ग्राम पंचायत प्रधान करतार सिंह चौहान ने कहा कि क्षेत्र की जनता प्रत्येक सरकार के भेदभाव रवैये का शिकार होती रही है। चिंता की बात है कि आज तक इस क्षेत्र को मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर रखा गया है। जनता की लगातार मांग पर पूर्व प्रदेश सरकार के कार्यकाल में प्राइमरी हेल्थ सेंटर, डिग्री कॉलेज और पशु औषधालय को खोला गया था।
कैहरवी पंचायत प्रधान गौरव शर्मा के बोल
वर्तमान कांग्रेस सरकार की ओर से संस्थानों को डिनोटिफाई करके आश्वासन दिया था कि समीक्षा के बाद जो जरूरी संस्थान होंगे उन्हें दोबारा खोला जाएगा। अभी तक नहीं खोला गया। कैहरवी पंचायत प्रधान गौरव शर्मा ने कहा कि सरकार को मांगों पर गौर करना चाहिए।

