गणतंत्र दिवस के लिए राज्यों की झांकियां चयनित करने के लिए केंद्र सरकार ने नियम बदल दिए हैं और ये नियम वर्ष 2024 से ही लागू हो जाएंगे।
हिमखबर डेस्क
गणतंत्र दिवस के अवसर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर झांकी निकालने के लिए अब हर राज्य को मौका मिलेगा। गणतंत्र दिवस के लिए राज्यों की झांकियां चयनित करने के लिए केंद्र सरकार ने नियम बदल दिए हैं और ये नियम वर्ष 2024 से ही लागू हो जाएंगे।
नियमों के अनुसार आगामी तीन वर्ष में एक बार झांकी निकालने के लिए सभी राज्यों से प्राथमिकताएं मांगी गई हैं। देश के सभी राज्यों के केंद्र सरकार ने ग्रुप बना दिए हैं। उत्तर भारत के सात राज्यों में हिमाचल प्रदेश भी शामिल है।
हिमाचल प्रदेश ने अपनी झांकी को आगामी तीन वर्षों में से किस वर्ष गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल करना है, इसको लेकर अफसरशाही ने मंथन शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार से पत्र प्राप्त होने के बाद हिमाचल सरकार ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। जल्द ही मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना की अध्यक्षता में भाषा एवं संस्कृति और गृह विभाग के अधिकारी इस बाबत बैठक करेंगे।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कुछ राज्यों की झांकियां कई वर्षों से गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल नहीं हुई हैं। सभी राज्यों को बराबर मौका देने की पहल करते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को तीन वर्षों में से एक बार अपनी झांकी को परेड में शामिल करने का मौका दिया है।
छंटनी प्रक्रिया में बाहर नहीं होगी झांकी, बेहतर बनाने के लिए केंद्र करेगा मदद
इस नई व्यवस्था के तहत किसी भी राज्य की झांकी को तीन चरण में होने वाली छंटनी प्रक्रिया के दौरान बाहर नहीं किया जाएगा। राज्य ने जिस भी वर्ष के लिए अपनी झांकी को शामिल करने की प्राथमिकता दी होगी, उस राज्य की केंद्र सरकार झांकी को बनाने और बेहतर करने में मदद देगा।
इस नए फैसले को लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों के ग्रुप तैयार किए हैं। इन ग्रुप में कुछ राज्याें की झांकी साल 2024 में शामिल होगी, जबकि शेष को 2025 और 2026 की परेड में शामिल किया जाएगा।

