
धौलाधार की ऊंची चोटियों में हिमपात हुआ है जिससे शीतलहर बढ़ गई है। तापमान में भी गिरावट आई है। अक्टूबर में सीजन का पहला हल्का हिमपात व पहली शीतलहर है। इसी के साथ ऐसा माना जा रहा है कि शरद ऋतु का आगाज हो गया है।
धर्मशाला- राजीव जस्वाल
धौलाधार की ऊंची चोटियों में हिमपात हुआ है, जिससे शीतलहर बढ़ गई है। तापमान में भी गिरावट आई है। अक्टूबर में सीजन का पहला हल्का हिमपात व पहली शीतलहर है। इसी के साथ ऐसा माना जा रहा है कि शरद ऋतु का आगाज हो गया है। वहीं आकाश में छाए काले व घनघोर बादलों के कारण पर्यटक बेशक रोमांचित हो रहे हैं, लेकिन किसान जरूर परेशाल हैं।
धर्मशाला, कांगड़ा, नगरोटा बगवां, पालमपुर आदि क्षेत्रों में धान की कटाई का काम चल रहा है। कुछ किसान कटाई कर चुके हैं तो कई किसानों के धान अभी भी खेतों में ही हैं। ऐसे में किसानों की सिरदर्दी ज्यादा बढ़ गई है। अगर ज्यादा बारिश होती है और ओलावृष्टि होती है तो किसान की सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा।
वहीं फसल समेटने के साथ-साथ किसानों ने पशुओं के लिए चारा एकत्रित करने के लिए घास कटाई का काम शुरू कर रखा है, कुछ किसान घास काट चुके हैं तो कुछ अभी काटना शुरू करेंगे तो कुछेक काटकर सूखा रहे थे। लेकिन बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।
वहीं मौसम विभाग ने भी बारिश व ऊंचाई वाले स्थानों पर हिमपात होने की संभावना जताई है और इस बारे में अलर्ट भी जारी किया है। वहीं, जिला प्रशासन ने भी मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए 18 अक्टूबर को ऊंचाई वाले स्थानों पर न जाने की सलाह दी है।
प्रशासन का कहना है धर्मशाला, बैजनाथ, पालमपुर व शाहपुर के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को आगाज किया गया है वे अधिक ऊंचाई व निम्न तापमान वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा न करें।
इस दौरान अपने घरों में या सुरक्षित स्थान पर रहें और किसी प्रकार का जोखिम ना उठाएं। किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल जिला आपदा प्रबंधन परिचालन केंद्र के दूरभाष नंबर व 1077 पर सूचित करें।
