चम्बा – भूषण गुरुंग
हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में मौसम के बिगड़े मिजाज ने एक गरीब परिवार को गहरा जख्म दिया है। सलूणी उपमंडल के तहत आने वाली ग्राम पंचायत सलूणी के बणी गांव में आसमानी बिजली की चपेट में आने से 3 खच्चरों की मौत हो गई।
इस प्राकृतिक आपदा ने एक गरीब किसान को लाखों रुपए का आर्थिक नुक्सान पहुंचाया है, जिससे उसके परिवार के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
मिली जानकारी के अनुसार घटना के वक्त तीनों खच्चर खुले स्थान पर घास चर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हुआ और आसमान में तेज गर्जना होने लगी।
इसी दौरान गिरी आसमानी बिजली ने तीनों खच्चरों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई भी इंसान वहां मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा मानवीय हादसा होने से टल गया।
हादसे की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों ने तुरंत इसकी जानकारी पंचायत प्रतिनिधियों व प्रशासन को दी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि ये खच्चर ही पीड़ित किसान खेमराज की आजीविका का इकलौता साधन थे। एक साथ तीन खच्चरों की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है।
वहीं सूचना मिलने के तुरंत बाद ग्राम पंचायत सलूणी के प्रधान मदन मोहन शर्मा, वार्ड सदस्य, पुलिस, पशुपालन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम घटनास्थल पर पहुंची।
टीम ने मौके का बारीकी से निरीक्षण कर पंचनामा भरा और किसान को हुए नुक्सान का आकलन शुरू कर दिया है।प्राकृतिक आपदा की मार झेलने वाले किसान खेमराज की दयनीय स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से गुहार लगाई है।
उन्होंने मांग की है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि वे इस सदमे से उबर सकें।
नायब तहसीलदार डीसी राणा के बोल
वहीं नायब तहसीलदार डीसी राणा ने बताया कि सूचना मिलते ही राजस्व और पशुपालन विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया था। खच्चरों की मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद सरकार के तय नियमों के अनुसार प्रभावित किसान को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।

