हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश की बिलासपुर जिला की पुलिस ने सिर्फ कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि इंसानियत की भी एक बेहतरीन मिसाल पेश की है।
पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की बदौलत एक ऐसे परिवार के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है, जो सालों से अपने लापता बेटे की तलाश में दर-दर भटक रहा था।
पुलिस ने कर्नाटक के बेंगलुरू से सालों पहले लापता हुए एक युवक को सुरक्षित खोजकर उसके पिता के सुपुर्द कर दिया है।
जानकारी के अनुसार 21 जुलाई को स्वारघाट पुलिस थाने की एक टीम गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस कर्मियों की नजर टनल नंबर-1 के समीप अकेले भटक रहे एक युवक पर पड़ी।
युवक देखने में काफी परेशान, घबराया हुआ और संदिग्ध अवस्था में लग रहा था। पुलिस कर्मियों ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे अपने सुरक्षित संरक्षण में लिया।
जब उसे ढांढस बंधाकर प्यार से पूछताछ की गई, तो उसने अपना नाम हरिहंत बताया और कहा कि वह मूल रूप से बेंगलुरू (कर्नाटक) का रहने वाला है।
युवक द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने बिना एक पल गंवाए बेंगलुरू में उसके परिजनों से संपर्क साधा। पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि हरिहंत वर्ष 2022 से अपने घर से लापता था।
उसका परिवार पिछले 4 वर्षों से उसकी हर जगह तलाश कर रहा था और लगभग उम्मीद खो चुका था। बिलासपुर पुलिस से अपने बेटे के जिंदा और सुरक्षित होने की खबर सुनते ही परिजनों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। सूचना मिलने के अगले ही दिन हरिहंत के परिजन बेंगलुरू से सीधे बिलासपुर पहुंच गए।
बुधवार को पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद युवक को सकुशल उसके पिता के हवाले कर दिया।
सालों बाद अपने जिगर के टुकड़े को सही-सलामत सामने देखकर पिता भावुक हो गए और उनकी आंखें छलक पड़ीं। परिजनों ने इस नेक काम के लिए बिलासपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया। वहीं पुलिस के इस कार्य की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।

