पालमपुर में बड़ा हादसा टला, सांडों की लड़ाई के बीच स्कूटर सवार दंपती बस की चपेट में आने से बचे

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पालमपुर में सड़क पर दो सांडों के आपस में भिड़ने से अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान स्कूटर सवार बुजुर्ग दंपती चपेट में आ गए और बस के नीचे आने से बाल-बाल बच गए।

पालमपुर – बर्फू

हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में पालमपुर-धर्मशाला मार्ग पर आइडीबीआइ बैंक के सामने दो सांडों की लड़ाई की चपेट में आने से स्कूटर सवार बुजुर्ग दंपती घायल हो गया। पालमपुर के मुख्य बाजार से राम चौक की ओर लौट रहे लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त 73 वर्षीय युगल किशोर और कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर से सेवानिवृत्त उनकी 69 वर्षीय पत्नी आशा शर्मा अचानक सांडों की टक्कर की चपेट में आ गए।

दोनों राम चौक पालमपुर के निवासी हैं। दंपती के अनुसार दोनों सांड सड़क पर आपस में भिड़ रहे थे। इसी दौरान वे स्कूटर से वहां से गुजर रहे थे और अचानक सांडों ने उनकी ओर रुख कर दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वे स्कूटर से गिरकर सामने से आ रही बस के नीचे आ सकते थे। हादसे में दोनों घायल हो गए।

युगल किशोर हृदय रोग से ग्रसित हैं और उनके हर्ट में स्टंट पड़े हैं, ऐसे में अचानक हुए इस हादसे ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी। उनका कहना है कि यदि सांडों की टक्कर थोड़ी और जोरदार होती तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकता था।

व्यस्त मार्ग पर पशुओं का जमावड़ा

स्थानीय लोगों के अनुसार पालमपुर के इस व्यस्त मार्ग पर बेसहारा पशुओं की समस्या नई नहीं है। शाम पांच बजे के बाद मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है, जबकि करीब छह बजे प्रतिदिन आठ-दस बेसहारा पशुओं का झुंड इसी रास्ते पर खुलेआम घूमता दिखाई देता है। ऐसे में लड़ते हुए सांड कभी राहगीरों तो कभी वाहन चालकों के लिए खतरा बन जाते हैं।

लोगों का कहना है कि पहले भी लड़ते हुए सांडों की चपेट में आने से लोग घायल हो चुके हैं। कुछ समय पहले लड़ते हुए सांडों की टक्कर से एक बुजुर्ग के स्कूटर से गिरने का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

नगर निगम दावे नहीं, कार्रवाई करे

बुजुर्ग दंपती ने कहा कि नगर निगम की ओर से पशुओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन मुख्य बाजार और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जमीनी स्थिति अलग नजर आती है। सड़क पर खुले में घूमते पशु दिनभर लोगों के लिए परेशानी बने हुए हैं और शाम के समय यातायात बढ़ने के साथ खतरा और अधिक बढ़ जाता है। लोगों ने नगर निगम से आवारा पशुओं को सड़कों से हटाने के साथ उनके लिए उचित व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

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