हिमखबर डेस्क
क्षेत्र के लाखों लोगों की जीवनरेखा मानी जाने वाली पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल सेवा लंबे समय के बाद एक बार फिर बहाल हो गई। मंगलवार को हमीरपुर के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस मौके पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस रेलमार्ग की बहाली में अपेक्षा से अधिक समय अवश्य लगा, लेकिन केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय के समक्ष इस मुद्दे को लगातार उठाया जाता रहा। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों के लिए यह रेलमार्ग केवल परिवहन का साधन नहीं बल्कि उनकी जीवनरेखा है, इसलिए इसकी बहाली को लेकर लगातार प्रयास किए गए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भविष्य में इस रेलमार्ग को ब्रॉडगेज में परिवर्तित करने की दिशा में भी प्रयासरत है। ठाकुर ने कहा कि पुराने रेलमार्गों पर मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों में तकनीकी चुनौतियां आती हैं, जिसके कारण समय अधिक लगा। इसके बावजूद रेलवे विभाग ने लगातार काम कर रेल सेवा को दोबारा शुरू करने में सफलता प्राप्त की है।
अनुराग ठाकुर ने बताया कि अभी भी कुछ ऐसे संवेदनशील स्थान हैं जहां बरसात के मौसम में दिक्कतें आ सकती हैं। उन्होंने कहा कि इन स्थानों के स्थाई समाधान और सुरक्षा कार्यों के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध करवाने हेतु केंद्र सरकार के स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में इस रेलमार्ग को और अधिक सुरक्षित तथा सुविधाजनक बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग रेल सेवा बहाली के मुद्दे पर राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि उनकी प्राथमिकता क्षेत्र के गरीब, किसान, मजदूर और आम लोगों की सुविधा है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना ही उनका उद्देश्य है और इसी भावना के साथ लगातार कार्य किया जा रहा है।
प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि हाल ही में हुए पंचायती राज, नगर निगम और नगर निकाय चुनावों के परिणामों ने प्रदेश सरकार को आईना दिखाने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव परिणामों में जनता का रुझान स्पष्ट रूप से सामने आया है और लोगों ने अपने मत के माध्यम से सरकार को संदेश दिया है।
रेल सेवा बहाल होने की खबर से कांगड़ा, नूरपुर, ज्वालामुखी, पालमपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलमार्ग के दोबारा शुरू होने से यात्रियों को राहत मिलेगी, वहीं व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। लोगों ने रेल सेवा बहाल होने पर केंद्र सरकार, रेलवे विभाग और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
- उत्तर रेलवे के अनुसार, ट्रेन संख्या 52465 पठानकोट से सुबह 5:00 बजे रवाना होगी
- और अपराह्न 12:00 बजे बैजनाथ पपरोला पहुंचेगी,
- जबकि ट्रेन संख्या 52467 सुबह 7:00 बजे रवाना होगी और अपराह्न 1:40 बजे पहुंचेगी।
- वापसी की दिशा में ट्रेन संख्या 52470 बैजनाथ पपरोला से अपराह्न 2:15 बजे रवाना होगी और रात 9:45 बजे पठानकोट पहुंचेगी,
- जबकि ट्रेन संख्या 52474 अपराह्न 3:40 बजे रवाना होगी और रात 10:50 बजे पहुंचेगी।राघविंदर ने बताया कि यह मार्ग डलहौजी रोड, नूरपुर रोड, ज्वालामुखी रोड, कांगड़ा, पालमपुर हिमाचल और पंचरुखी जैसे प्रमुख स्टेशनों को जोड़ता है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी इलाकों में मानसून की बारिश और भूस्खलन के कारण इस रेल लाइन को भी भारी नुकसान पहुंचा था।
ब्रिटिश काल में निर्मित 164 किलोमीटर लंबी कांगड़ा घाटी रेलवे, एक सदी से भी अधिक पुरानी है और संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) की विश्व धरोहर स्थलों की संभावित सूची में शामिल है।
घाटियों, चाय के बागानों और ऐतिहासिक मेहराबदार पुलों से होकर गुजरने वाली अपनी मनोरम यात्रा के लिए प्रसिद्ध यह मार्ग, भारत की सबसे खूबसूरत रेल लाइनों में से एक माना जाता है और यह अपनी इस खासियत के लिए अद्वितीय है कि इस पर एक भी सुरंग नहीं है।
सेवाओं की बहाली से कांगड़ा घाटी, धर्मशाला और पालमपुर में पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, साथ ही यह स्थानीय निवासियों, दैनिक यात्रियों और छोटे व्यापारियों के लिए परिवहन का एक किफायती साधन भी उपलब्ध कराएगा।
यह भी उम्मीद है कि लंबे समय तक सेवा निलंबित रहने से प्रभावित चाय बागानों के विक्रेताओं, होमस्टे संचालकों और पर्यटक गाइडों के लिए आर्थिक गतिविधियां फिर से शुरू हो सकेंगी।
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले एनटीईएस एप्लिकेशन के माध्यम से बुकिंग विवरण और ट्रेन की लाइव स्थिति की जांच कर लें।
इस अवसर पर रेलवे विभाग के जीएम, सांसद राजीव भारद्वाज, कांगड़ा के विधायक पवन काजल, नूरपुर के विधायक रणवीर सिंह निक्का, भाजपा नेता विश्व चक्षु सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे

