हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में 23 साल की महिला की मौत मामले में अब नया मोड़ आया है। मामले में रोष प्रदर्शन का आयोजन करने वाले बंटी सराजी और संजय चौहान के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद अब परिजनों ने अस्पताल की महिला डॉक्टर अनु और दो स्टाफ नर्सों के खिलाफ शिकायत दी है।
अमृत मृतक महिला रजनी देवी उर्फ मंजू शर्मा के पति सतीश शर्मा और पिता प्रेमचंद ने एसपी कुल्लू को शिकायत सौंपी और डॉक्टर और दो स्टाफ नर्स के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। साथ ही धरना-प्रदर्शन करने वाले दो युवाओं के खिलाफ केस वापस लेने की मांग की।
मंजू शर्मा (असली नाम रजनी शर्मा) के पिता प्रेमचंद ने कहा कि 21 जून को डॉक्टरों की घोर लापरवाही के कारण उनकी बेटी की डिलीवरी के 24 घंटे के बाद मौत हो गई। न्याय की लड़ाई में शामिल हजारों लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया था, लेकिन 2 युवाओं पर डॉक्टरों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है।
यदि दो युवाओं के खिलाफ दर्ज केस वापस नहीं लिया गया तो दोबारा आंदोलन और उग्र होगा। उन्होंने बताया कि मैंने पोस्टमार्टम के लिए इसलिए इनकार किया था कि क्योंकि मुझे डॉक्टरों पर विश्वास नहीं था। जिस प्रकार डॉक्टर अब धरना प्रदर्शन करने कर रहे हैं। उस वक्त ये सभी कहां थे, जब मंजू अस्पताल में एडमिट थी।
हिंदू रक्षा मंच जिला कुल्लू अध्यक्ष अमन सूद के बोल
हिंदू रक्षा मंच जिला कुल्लू के अध्यक्ष अमन सूद ने कहा कि परिजनों ने डॉक्टर और स्टाफ नर्स के खिलाफ अस्पताल प्रबंधन को शिकायत दी है। डॉक्टर और नर्सों पर ओवरबर्डन है और इसके लिए उन्हें सरकार से बात करनी चाहिए, ना कि आम पब्लिक और पीड़ित पर गुस्सा निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला आयोग को इस मामले में शिकायत दी गई है और आज एसपी कुल्लू को पीड़िता के पिता प्रेमचंद और पति सतीश शर्मा की तरफ से लिखित शिकायत दी गई है।

