एचपीवी टीका बनेगा सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा कवच, लड़कियों को जागरूक करें शिक्षक : गंधर्वा राठौड़

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लड़कियों को जिंदगी भर सर्विकल कैंसर से बचाएगा एचपीवी का टीका, छूटी लड़कियों को यह टीका लगवाने के लिए प्रेरित करें और सभी भ्रांतियों को दूर करें शिक्षक – गंधर्वा राठौड़

हिमखबर डेस्क

उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने जिला के सभी हाई एवं सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के प्रमुखों और अन्य शिक्षकों से अपील की है कि वे एचपीवी वैक्सीनेशन से छूटी 14-15 वर्ष आयु वर्ग की सभी लड़कियों को एचपीवी वैक्सीन का टीका लगवाने के लिए प्रेरित करें और इस टीके के बारे में लड़कियों या उनके अभिभावकों में अगर कुछ भ्रांतियां हैं तो तुरंत उनका निवारण करें। अगर उनकी काउंसलिंग की आवश्यकता है तो स्वास्थ्य विभाग से भी संपर्क करें।

सर्विकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) से बचाव हेतु आरंभ किए गए एचपीवी टीकाकरण अभियान को गति प्रदान करने तथा जिला इसका शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए बुधवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के सहयोग से यहां डिग्री कॉलेज में जिला के हाई एवं सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के प्रमुखों के लिए आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में उपायुक्त ने यह अपील की।

उपायुक्त ने कहा कि एचपीवी वैक्सीन का टीका लड़कियों को जिंदगी भर सर्विकल कैंसर जैसे जानलेवा रोग से बचा सकता है। अभी यह 14-15 वर्ष के आयु वर्ग की लड़कियों को मुफ्त लगाया जा रहा है। जिला हमीरपुर में भी 29 मार्च को आरंभ किए गए टीकाकरण अभियान में इस आयु वर्ग की लगभग 2967 लड़कियों को यह टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला में अभी तक 1228 लड़कियां यह टीका लगवा चुकी हैं।

गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन पहली बार वर्ष 2006 में लांच की गई थी और अभी तक विश्व के 159 देशों में इसकी 50 करोड़ से अधिक डोज लगाई जा चुकी हैं। भारत में यह वैक्सीन पहले प्राइवेट अस्पतालों में उपलब्ध थी, लेकिन अब इसका मुफ्त टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है।

उपायुक्त ने कहा कि लड़कियों को सर्विकल कैंसर से बचाने के लिए यह एक बहुत बड़ा अवसर है। इसलिए, 14-15 वर्ष आयु वर्ग की सभी लड़कियां 31 मई से पहले यह टीका अवश्य लगवा लें। बाद में शायद उन्हें इसका मौका नहीं मिलेगा।

उपायुक्त ने कहा कि साक्षरता दर और विकास के अन्य मानकों में जिला हमीरपुर की गिनती प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के अग्रणी जिलों में होती है। एचपीवी वैक्सीनेशन में भी हमीरपुर को अव्वल बनाने में शिक्षक भी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। क्योंकि, शिक्षकों का बच्चों के साथ लगातार संपर्क एवं संवाद रहता है और बच्चे शिक्षकों का अनुसरण भी करते हैं।

उपायुक्त ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे एचपीवी वैक्सीन के बारे में सोशल मीडिया में फैल रही भ्रामक एवं निराधार सूचनाओं के बजाय बच्चों तक सही जानकारी पहुंचाएं। वे 31 मई तक अपने अपने शिक्षण संस्थानों की लड़कियों का टीकाकरण करवाएं।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अजय अत्री ने स्कूल प्रमुखों को एचपीवी वैक्सीन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। स्कूल शिक्षा उपनिदेशक कमल किशोर भारती और जिला साइंस कोर्डिनेटर राजेश गौतम ने भी एचपीवी टीकाकरण अभियान में सक्रिय योगदान का आह्वान किया। कार्यशाला में डिग्री कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ सतीश सोनी भी उपस्थित रहे।

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