हिमाचल में टाइगर…पांवटा साहिब के खारा जंगल में चहलकदमी, CCTV कैमरा में कैद

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हिमखबर डेस्क

पांवटा साहिब के खारा वन क्षेत्र में वन विभाग की टीम ने सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से टाइगर की मौजूदगी दर्ज की है। जंगल में टाइगर के ताजा पदचिन्ह मिलने के बाद विभाग ने क्षेत्र में निगरानी और गश्त तेज कर दी है।

वन विभाग के अनुसार रेंज अधिकारी सुरेंद्र शर्मा, वन खंड अधिकारी मुदसर और वनरक्षक वीरेंद्र चौहान की टीम ने पिछले कुछ दिनों से खारा जंगल में टाइगर की गतिविधि पर नजर रखी हुई थी। सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान टाइगर स्पष्ट रूप से कैद हुआ और जंगल में इसके पैरों के ताजा निशान भी मिले हैं।

डीएफओ पांवटा वेद प्रकाश ने बताया

डीएफओ पांवटा वेद प्रकाश ने बताया कि खारा जंगल में टाइगर लगभग अढ़ाई साल पहले देखा गया था। अब दोबारा सीसीटीवी में आने से स्पष्ट है कि यह वन्य जीव क्षेत्र में सक्रिय है। उन्होंने कहा कि टाइगर के मूवमेंट और आवास क्षेत्र को समझने के लिए कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी और फुटेज का लगातार विश£ेषण किया जाएगा।

डीएफओ ने बताया कि खारा जंगल के साथ कई गांव सटे हुए हैं। टाइगर की संभावित आवाजाही को देखते हुए विभाग ने संबंधित ग्राम पंचायतों को सूचना दे दी है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वह अकेले जंगल में न जाएं, मवेशियों को जंगल की ओर न छोड़ें, शाम के समय बाहर न निकलें और बच्चों को जंगल के पास खेलने न भेजें।

वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और वन कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह गांवों में जाकर लोगों को सतर्क करें। यदि किसी को टाइगर दिखाई दे या उसके पदचिन्ह मिलें, तो तुरंत वन विभाग को सूचना देने के लिए कहा गया है। विभाग का कहना है कि टाइगर की सुरक्षा के साथ मानव जीवन की सुरक्षा भी प्राथमिकता है।

खारा जंगल में टाइगर की मौजूदगी मिलने के बाद वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। टाइगर से बचने और अचानक सामना होने पर क्या करें, इसके लिए वन विभाग और वन्य जीव विशेषज्ञों द्वारा बताए गए कुछ महत्त्वपूर्ण उपाय निम्न हैं।

जंगल में जाने से बचें और सावधानियां बरतें, शाम, सुबह और रात के समय जंगल या झाडिय़ों के पास अकेले न जाएं, टाइगर आमतौर पर इन्हीं समय सक्रिय रहते हैं, मवेशियों को जंगल की ओर अकेला न छोड़ें और पशुओं को सुरक्षित बाड़े में रखें, बच्चों को जंगल या सुनसान रास्तों पर खेलने न भेजें, जंगल जाते समय शोर करते हुए चलें, ताकि टाइगर को आपकी मौजूदगी का पता चल जाए और वह रास्ता बदल ले।

वन विभाग ने कहा कि यदि टाइगर दिखाई दे या उसके पदचिन्ह मिलें तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें। वन विभाग की टीम स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कदम उठाएगी।

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