कांगड़ा के किसान का कमाल! 65 दिन में 10 क्विंटल माह की पैदावार, छह कनाल में रचा नया रिकॉर्ड

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कांगड़ा के एक किसान ने छह कनाल भूमि में महज 65 दिन में 10 क्विंटल माह की पैदावार हासिल कर खेती में शानदार सफलता दर्ज की है। कम समय में बेहतर उत्पादन की यह उपलब्धि दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणादायक बन रही है।

हिमखबर डेस्क

 

कांगड़ा के प्रगतिशील किसान बलवीर सैणी ने खेती में एक ऐसा प्रयोग किया है, जिसने कृषि विभाग का भी ध्यान खींचा है। महज 65 दिन में छह कनाल भूमि से 10 क्विंटल माह की पैदावार लेकर उन्होंने कम समय में बेहतर उत्पादन की मिसाल पेश की है।

कांगड़ा के धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के पटोला-कंद्रेहड़ गांव के प्रगतिशील किसान बलवीर सैणी खेती में लगातार नए प्रयोग कर रहे हैं। इस बार उन्होंने छह कनाल भूमि पर माह की फसल तैयार कर करीब 10 क्विंटल उत्पादन हासिल किया है।

खास बात यह है कि फसल महज 65 दिन में तैयार हो गई। बलवीर सैणी सामान्य खेती के बजाय नए प्रयोगों और आधुनिक तकनीकों पर जोर देते हैं। जैविक खेती, देसी बीजों के संरक्षण और फसलों को कीटों से बचाने के लिए प्राकृतिक तकनीकों का इस्तेमाल उनकी खेती की खास पहचान है।

सैणी के इस प्रयोग की जानकारी जब कृषि विभाग तक पहुंची तो शिमला में विभाग के सचिव सीपाल रासू ने भी इसकी सराहना की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से आग्रह किया कि बलवीर सैणी के इस प्रयोग और अनुभव को प्रदेश के अन्य किसानों तक पहुंचाया जाए, ताकि किसान कम अवधि में दलहनी फसलों से बेहतर उत्पादन हासिल करने के तरीके सीख सकें।

बलवीर सैणी पहले भी खेती में कई अनूठे प्रयोग कर चुके हैं। गेहूं के देसी और जैविक बीजों के संरक्षण से लेकर घीया, करेला और खीरा जैसी फसलों को कीटों से बचाने के लिए फ्लाई कैचर तकनीक तक उन्होंने खेतों में कई नवाचार किए हैं।

छोटी जोत में कम समय और बेहतर उत्पादन का यह प्रयोग दूसरे किसानों के लिए भी नई संभावनाएं खोलता है। अब कृषि विभाग की कोशिश है कि सैणी के इन प्रयोगों को किसानों तक पहुंचाकर खेती में नवाचार को बढ़ावा दिया जाए।

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