हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट! 9 जिलों में बाढ़ का खतरा, चंडीगढ़-मनाली हाईवे बंद

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हिमखबर डेस्क

हिमाचल सहित पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। आईएमडी ने हिमाचल प्रदेश के नौ जिलों में कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में अगले 24 घंटों के दौरान अचानक बाढ़ का कम से मध्यम खतरा भी जताया है।

यह चेतावनी 12 अगस्त सुबह 5.30 बजे तक प्रभावी है। इन जिलों में कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्लू, शिमला, सोलन, सिरमौर, किन्नौर और लाहुल-स्पीति शामिल हैं। आईएमडी की चेतावनी के अनुसार हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

वहीं हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, जम्मू-कश्मीर तथा उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। बारिश चेतावनी मानचित्र में 11 अगस्त के लिए हिमाचल प्रदेश को भारी से बहुत भारी बारिश की श्रेणी में दिखाया गया है। हिमालयी राज्यों में बारिश का दौर कई दिनों तक जारी रहने का अनुमान है।

आईएमडी ने हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 11 से 16 अगस्त तक व्यापक से बहुत व्यापक बारिश की संभावना जताई है। जानकारी के अनुसार हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और दिल्ली में मंगलवार को मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इन क्षेत्रों में व्यापक बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।

वहीं, हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। आईएमडी की ओर से 11 अगस्त को सुबह 8.27 बजे जारी अखिल भारतीय मौसम सारांश एवं पूर्वानुमान बुलेटिन के अनुसार, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और पंजाब में 11 अगस्त और फिर 13 अगस्त को व्यापक से बहुत व्यापक बारिश होने की संभावना है। दोनों दिन इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर में 11 से 16 अगस्त तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश के बाद 12 से 16 अगस्त तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। इसके बाद 13 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में फिर कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

उसी दिन हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भी भारी बारिश का अनुमान है। दिनवार पूर्वानुमान के मुताबिक 14, 15 और 16 अगस्त को हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश जारी रह सकती है। सात दिन के पूर्वानुमान में 17 अगस्त को भी इन दोनों क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

झलोगी टनल के नजदीक पहाड़ी से गिरे पत्थर

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और मंडी जिले में बीती रात से जारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के बीच कई स्थानों पर पहाड़ियों से मलबा और पत्थर गिरने के साथ भूस्खलन हुआ है। आनी में अलग-अलग स्थानों पर दो कारें चट्टानों और मलबे की चपेट में आ गईं। एक हादसे में कार सवार दो लोग घायल हुए हैं, जबकि दूसरी कार सड़क किनारे खड़ी थी। इसके अलावा सैंज-न्यूली मार्ग, मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग और कई वैकल्पिक मार्ग भी भूस्खलन व पत्थर गिरने से बाधित हुए हैं।

आनी में पहला हादसा किरण बाजार-बराड़ के बीच एनएच-305 पर हुआ। बारिश के दौरान पहाड़ी से अचानक मलबा चलती कार पर आ गिरा। इससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार दो लोग मलबे में फंस गए। मौके से गुजर रहे लोगों ने दोनों को बाहर निकालकर आनी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। मलबा गिरने के कारण एनएच-305 पर यातायात भी प्रभावित हुआ।

आनी में एनएच-305 पर किरण बाजार-बराड़ के बीच हुए हादसे में घायल दोनों लोगों की पहचान पदम सिंह (53) पुत्र गुमत राम, निवासी गांव दोघरी, डाकघर निगान, तहसील आनी, जिला कुल्लू और अब्दुल रहमान (32) पुत्र नवाबदीन, निवासी गांव दोगरीमोड़, डाकघर निगान, तहसील आनी, जिला कुल्लू के रूप में हुई है। दोनों घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबी कार से बाहर निकालकर आनी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

दूसरी घटना आनी के नए बस अड्डे के पास हुई। यहां पहाड़ी से भारी-भरकम चट्टान सड़क किनारे खड़ी टैक्सी नंबर की कार से जा टकराई। चट्टान की चपेट में आने से कार को काफी नुकसान पहुंचा है। गनीमत रही कि घटना के समय कार में कोई सवार नहीं था।

बारिश के कारण सैंज घाटी में भी कई जगह हालात बिगड़े हैं। न्यूली-सैंज मार्ग पर सिउंड के पास पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गई है। वहीं, सैंज के बकशाहल गांव में सड़क का पानी घुसने से करीब 11 घरों पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। घाटी में अन्य स्थानों पर भी भूस्खलन होने से संपर्क मार्ग प्रभावित होने की सूचना है।

मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पर झलोगी के पास मंगलवार सुबह करीब सात बजे से यातायात बाधित है। भारी बारिश के बीच पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण प्रशासन और पुलिस ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए वाहनों की आवाजाही रोक दी। हनोगी टनल, पंडोह डैम और मंडी की ओर वाहनों को रोककर रखा गया है। इससे हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।

लगातार पत्थर गिरने के खतरे के कारण फिलहाल मलबा हटाने का काम शुरू नहीं किया गया है। बारिश रुकने और मार्ग को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही सड़क से पत्थर और मलबा हटाकर यातायात बहाल किया जाएगा।मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पर झलोगी के पास भी पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण सड़क बंद हो गई है।

एनएचएआई की मशीनरी मौके पर तैनात है, लेकिन लगातार बारिश और पहाड़ी से पत्थर गिरने के खतरे के कारण मलबा हटाने में परेशानी आ रही है। स्थिति अनुकूल होते ही मार्ग बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।कुल्लू जाने वाले कटौला-कमांद वैकल्पिक मार्ग पर कांढ़ी के पास भूस्खलन होने से सड़क बंद हो गई है। लोक निर्माण विभाग की मशीनरी मौके पर भेजी गई है और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया है। मार्ग बंद होने से दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गई हैं।

मंडी से जोगिंद्रनगर होते हुए पठानकोट जाने वाला मार्ग भी उरला के पास भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। यहां मलबा आने से वाहनों की आवाजाही रुक गई। यात्रियों के लिए वाया डायना पार्क वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध है। संबंधित विभाग की ओर से मलबा हटाकर मार्ग को जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।

कुल्लू और मंडी के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने के कारण भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर रख रहे हैं। यात्रियों को संवेदनशील मार्गों पर सावधानी बरतने और मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

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