करवाचौथ के अवसर पर धर्मशाला कारागार में 25 महिला कैदियों ने अपने पति की लंबी उम्र की कामना के साथ व्रत रखा, जेल परिसर में भी महिलाओं ने इस पारंपरिक पर्व के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
हिमखबर डेस्क
करवाचौथ का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए खास महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। हिमाचल प्रदेश के जिला कारागार धर्मशाला में बंद महिला कैदी भी इस परंपरा को निभा रही हैं। यहां 25 महिला कैदियों ने करवाचौथ का व्रत रखने की इच्छा जताई, जिसे ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन ने उन्हें चांद देखने का अवसर देने की व्यवस्था की है।
अपनों से दूर जेल में रह रहीं इन महिलाओं के लिए करवाचौथ का दिन भावनात्मक रूप से खास रहेगा। अन्य महिलाओं की तरह वे भी दिनभर उपवास रखकर शाम को चांद निकलने का इंतजार करेंगी और परंपरा के अनुसार व्रत खोलेंगी। जेल प्रशासन के अनुसार, महिला कैदियों को निर्धारित नियमों के तहत अपने पतियों से मुलाकात का अवसर भी दिया जाएगा।
जेल परिसर में चांद देखने की मिलेगी सुविधा
करवाचौथ के अवसर पर महिला कैदियों को अपनी बैरक से बाहर निकलकर जेल परिसर में चांद देखने का अवसर मिलेगा। इसके बाद वे महिला बैरक में ही पर्व मनाएंगी। इस दौरान जेल के सभी निर्धारित नियमों और सुरक्षा प्रबंधों का पालन किया जाएगा। जेल प्रशासन का कहना है कि महिला कैदियों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की जा रही है।
करीब 35 महिला कैदी हैं जेल में बंद
जिला कारागार धर्मशाला में वर्तमान में एनडीपीएस एक्ट, घरेलू हिंसा और अन्य मामलों से संबंधित करीब 35 महिलाएं बंद हैं। इनमें से 25 महिलाओं ने करवाचौथ का व्रत रखने की इच्छा जताई है।
जेल प्रशासन उनकी धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए सुरक्षा व्यवस्था के बीच चांद देखने का अवसर उपलब्ध करवाएगा।
संजीव कुमार उप अधीक्षक, जिला कारागार धर्मशाला के बोल
धर्मशाला कारागार के उप अधीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि जेल में बंद करीब 35 महिलाओं में से 25 ने करवाचौथ का व्रत रखने की इच्छा जताई है। प्रशासन उनकी धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें चांद देखने का अवसर देगा। इस दौरान जेल के निर्धारित नियमों और सुरक्षा व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

