हिमाचल प्रदेश में 920 टीजीटी शिक्षकों के नियमितीकरण की खबर सामने आई है, दो साल का अनुबंध सेवाकाल पूरा करने वाले शिक्षकों को इसका लाभ मिला है, संबंधित आदेश और पूरी सूची देखकर शिक्षक अपना नाम व विवरण जांच सकते हैं।
हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों (टीजीटी) के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश के स्कूल शिक्षा निदेशालय ने दो साल का अनुबंध सेवाकाल पूरा करने वाले 920 टीजीटी शिक्षकों को नियमित करने के आदेश जारी किए हैं।
आदेश के अनुसार, नियमितीकरण की प्रक्रिया संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्यों की सत्यापन रिपोर्ट, उपनिदेशक स्कूल शिक्षा (प्रारंभिक) की जांच और निदेशालय स्तर पर गठित स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिशों के आधार पर पूरी की गई है।
इसमें उन टीजीटी शिक्षकों को शामिल किया गया है, जिन्हें स्वीकृत रिक्त पदों के विरुद्ध निर्धारित भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार अनुबंध आधार पर नियुक्त किया गया था और जिन्होंने 30 सितंबर 2026 तक लगातार दो वर्ष की सेवा पूरी कर ली थी।
38,100 रुपये न्यूनतम मूल वेतन
नियमित किए गए शिक्षकों को हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 2022 के तहत पे मैट्रिक्स के लेवल-10 के सेल-1 में 38,100 रुपये न्यूनतम मूल वेतन दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त नियमानुसार अन्य भत्ते भी देय होंगे। आदेश में नियमितीकरण को तत्काल प्रभाव से लागू करने का उल्लेख किया गया है।
दस्तावेजों और चरित्र सत्यापन की शर्तें
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि नियमितीकरण का लाभ संबंधित शिक्षकों के दस्तावेजों और अन्य निर्धारित शर्तों के सत्यापन के अधीन रहेगा। शिक्षकों को शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता, हिमाचली प्रमाणपत्र, जन्मतिथि और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां प्रस्तुत करनी होंगी। आरक्षित श्रेणियों से संबंधित शिक्षकों को निर्धारित प्रारूप में सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी प्रमाणपत्र भी देने होंगे।
इसके अलावा, संबंधित शिक्षकों के चरित्र और पूर्ववृत्त का सत्यापन निर्धारित अवधि में करवाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी स्तर पर अभ्यर्थी की ओर से प्रस्तुत दस्तावेज या प्रमाणपत्र गलत अथवा फर्जी पाए जाते हैं, तो नियमानुसार सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।

