शिमला में वारदात को हादसे का रूप देने के आरोप में पुलिस ने ISBT से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, दोनों के नेपाल भागने की तैयारी करने की बात सामने आई है।
हिमखबर डेस्क
शिमला जनपद के जुब्बल में 33 वर्षीय नेपाली मजदूर की हत्या के मामले को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में नेपाल के ही रहने वाले दो युवकों को शिमला के अंतरराज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी घटना के बाद मोबाइल फोन बंद कर क्षेत्र से निकल गए थे और नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि मृतक और दोनों आरोपी घटना से पहले एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इस दौरान उनके बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद मृतक की मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने शव को राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे छोड़ दिया था, जिससे घटना सड़क हादसे जैसी लगे। पुलिस के अनुसार 18 अक्टूबर की रात शिकायतकर्ता साहिल अपने साथियों के साथ हटकोटी से मंडोल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-705 पर दोची के समीप उन्हें एक व्यक्ति खून से लथपथ अवस्था में सड़क पर पड़ा मिला।
सूचना मिलने पर पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची, जहां व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तो मुख्य सड़क से नीचे नाले की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर भी खून के निशान मिले। इन परिस्थितियों से पुलिस को मामला सामान्य सड़क हादसे का होने के बजाय किसी आपराधिक वारदात से जुड़ा होने का संदेह हुआ।
इसके बाद पुलिस थाना जुब्बल में 19 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। मृतक की पहचान 33 वर्षीय धीरेन्द्र थापा पुत्र भीम बहादुर, निवासी नेपाल के रूप में हुई। वह जुब्बल तहसील के दोची डाकघर के अंतर्गत गांव बाउली में मजदूरी करते थे।
सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूचना से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर लोगों से जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान पुलिस को मृतक के साथ झगड़े में शामिल रहे दो व्यक्तियों के बारे में अहम सुराग मिले। पुलिस की जांच के अनुसार घटना से पहले धीरेन्द्र थापा और दोनों आरोपी एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान उनके बीच झगड़ा हुआ और इसके बाद धीरेन्द्र की मौत हो गई।
पुलिस का कहना है कि झगड़े के बाद आरोपियों ने शव को राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे छोड़ दिया। शुरुआती जांच में इस कदम को घटना को सड़क दुर्घटना जैसा दिखाने की कोशिश के तौर पर देखा गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारियों के आधार पर दोनों संदिग्धों की पहचान की और उनकी तलाश शुरू की। जांच में मिली जानकारियों से पुलिस को उनके क्षेत्र से बाहर निकलने की कोशिश करने का पता चला।
मोबाइल बंद कर निकले, जंगल में रात बिताई
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए और जुब्बल क्षेत्र से निकलने की कोशिश की। वे पहले खड़ापत्थर पहुंचे। वहां से एक पिकअप वाहन में लिफ्ट लेकर ठियोग के समीप पहुंचे। पुलिस की ओर से चारों तरफ नाकाबंदी किए जाने के डर से दोनों ने रात जंगल में बिताई।
इसके बाद अगले दिन तड़के वे शिमला से नेपाल भागने के इरादे से रवाना हुए। पुलिस को उनकी गतिविधियों के संबंध में जानकारी मिली और टीम ने शिमला के आईएसबीटी में उनकी तलाश की। यहां से दोनों को उस समय गिरफ्तार कर लिया गया, जब वे नेपाल जाने की कोशिश कर रहे थे।
नेपाल के रहने वाले दोनों युवकों की पहचान, जांच जारी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 27 वर्षीय सूर्य दमाई उर्फ अनिश पुत्र गोपाल दमाई निवासी जिला गुल्मी नेपाल और 27 वर्षीय सुमन खड़का पुत्र दुर्गा बहादुर खड़का निवासी जिला सल्यान, नेपाल के रूप में की है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। मामले की जांच जारी है। पुलिस अब घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।
एससपी शिमला गौरव सिंह के बोल
एससपी शिमला गौरव सिंह ने कहा है कि गंभीर अपराधों की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जाती है और आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाने के लिए कार्रवाई जारी रहती है।

