आपदा के एक साल बाद भी पुल का इंतजार, खड्ड पार कर स्कूल पहुंच रहे बच्चे; हादसे का खतरा

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आपदा के एक साल बाद भी पुल का निर्माण पूरा नहीं होने से स्कूली बच्चों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं, नौनिहाल रोजाना जान जोखिम में डालकर खड्ड पार कर स्कूल पहुंच रहे हैं।

हिमखबर डेस्क

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पंडोह के समीप ग्राम पंचायत कुकलाह में पिछले वर्ष आई विनाशकारी बाढ़ में बहा पुल आज तक नहीं बन पाया है। आपदा को एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी सरकार और प्रशासन की इस बेरुखी से स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है।

पुल के अभाव में सबसे ज्यादा खामियाजा स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर खड्ड पार करनी पड़ती है। यह पुल एमडीआर पंडोह-सराची सड़क मार्ग पर स्थित था। इसके बह जाने से कुकलाह का संपर्क कट गया है।

कुकलाह स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान लक्ष्मण सिंह ने बताया कि बरसात के दिनों में खड्ड में पानी का बहाव बहुत तेज होता है। ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से बच्चों को छुट्टी करवानी पड़ती है और कई बार बच्चे 2 से 3 महीने तक स्कूल ही नहीं पहुंच पाते हैं।

सड़क संपर्क न होने का सीधा असर क्षेत्र के विकास कार्यों पर भी पड़ रहा है। मिडल स्कूल कुकलाह के मुख्याध्यापक कमलेश कुमार ने बताया कि स्कूल के नए भवन निर्माण के लिए करीब 20 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है।

लेकिन पुल और सड़क न होने के कारण निर्माण सामग्री मौके तक पहुंचाना संभव नहीं हो पा रहा है। भवन न बन पाने के कारण वर्तमान में पूरा मिडल स्कूल केवल एक ही कमरे में चल रहा है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों की मांग, तुरंत हो सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था

वार्ड पंच सविता देवी ने सरकार और संबंधित विभाग से कड़ी मांग की है कि जल्द से जल्द नए पुल का निर्माण कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि जब तक स्थायी पुल नहीं बन जाता, तब तक बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षित आवाजाही के लिए कोई मजबूत वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

क्या कहते हैं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी?

इस पूरे मामले पर लोक निर्माण विभाग के एक्सियन दुष्यंत पाल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि नए पुल के निर्माण की स्वीकृति के लिए मामला सरकार को भेज दिया गया है। पुल का निर्माण किस स्थान पर किया जाना है, इसका अंतिम निर्णय सरकार के स्तर पर ही लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि लोगों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए विभाग ने 17 सितम्बर को एक कच्चा सड़क मार्ग तैयार किया था, लेकिन दोबारा हुई भारी बारिश के कारण वह भी बह गया। विभाग अब एक बार फिर से इस मार्ग को दुरुस्त करने के कार्य में जुटा है, ताकि ग्रामीणों को आवाजाही में फौरी राहत मिल सके।

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