गगल एयरपोर्ट के विस्तार की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भेड़ी की अधिगृहित जमीन पर्यटन विभाग के नाम कर दी गई है। इस भूमि पर किसी भी प्रकार के नए निर्माण पर रोक रहेगी और जल्द ही इसकी तारबंदी की जाएगी।
हिमखबर डेस्क
गगल एयरपोर्ट के बहुप्रतीक्षित विस्तारीकरण प्रोजेक्ट को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के बाद अब अधिगृहित भूमि को संबंधित विभाग के नाम हस्तांतरित करने का काम भी गति पकड़ चुका है।
इसी कड़ी में महाल भेड़ी में अधिगृहित भूमि का स्वामित्व भू-अर्जन अधिकारी द्वारा पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के नाम हस्तांतरित कर दिया गया है।
भूमि हस्तांतरण के बाद पर्यटन विभाग ने महाल भेड़ी क्षेत्र में सार्वजनिक सूचना के लिए आधिकारिक नोटिस बोर्ड भी स्थापित कर दिया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि अधिगृहित भूमि पर किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी प्रकार की अनाधिकृत गतिविधि, निर्माण या हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।
विभाग ने चेतावनी दी है कि सरकारी आदेशों की अवहेलना करने अथवा अधिगृहित भूमि में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के अगले चरण की ओर महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
माना जा रहा है कि जल्द ही जमीन की तारबंदी का कार्य शुरू किया जाएगा। इससे अधिगृहित भूमि पर कब्जा लेने और परियोजना के लिए जमीन को पूरी तरह सुरक्षित करने की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
हिमाचल पर्यटन अधिकारी विनय धीमान के बोल
जिला कांगड़ा के हिमाचल पर्यटन अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए चिन्हित 13 में से सात मुहालों का नामांतरण पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के नाम हो चुका है, जबकि शेष मुहालों के नामांतरण की प्रक्रिया जारी है।
माना जा रहा है कि एयरपोर्ट विस्तार परियोजना अब भूमि अधिग्रहण के बाद जमीन पर वास्तविक कब्जा लेने और आगामी निर्माण संबंधी गतिविधियों की दिशा में आगे बढ़ रही है।

