चंडीगढ़ से MTech, नौकरी के साथ तैयारी और अब फौजी की बेटी बनी लेफ्टिनेंट, अल्का पठानियां ने रचा इतिहास

--Advertisement--

नूरपुर की अल्का पठानिया ने कड़ी मेहनत के दम पर लेफ्टिनेंट बनकर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया। चंडीगढ़ से MTech के बाद नौकरी के साथ तैयारी कर सफलता हासिल की।

नूरपुर – स्वर्ण राणा

फौजी की बेटी ने भी वर्दी पहनी है और सेना में लेफ्टिनेंट बनने के बाद लौटी है। कहानी अल्का पठानिया की है, जो कि हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नूरपुर की रहने वाली है।

जानकारी के अनुसार, कांगड़ा के नूरपुर की उप-तहसील राजा का तालाब की पंचायत लाड़थ बाड़ी की बेटी अल्का पठानिया भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गई है। पासिंग ऑउट परेड के बाद अब वह गांव पहुंची तो ग्रामीणों और परिजनों ने उनका भव्य स्वागत किया।

अल्का की इस उपलब्धि से उनके परिवार सहित पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। बेटी को लेफ्टिनेंट की वर्दी में देखकर उनके पिता बलवीर सिंह पठानिया भावुक नजर आए और उनकी आंखों में बेटी की सफलता का गर्व साफ झलक रहा था।

अल्का पठानिया ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पहली कक्षा से 12वीं तक लाड़थ बाड़ी से पूरी की। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से बीटेक तथा पीटीयू जालंधर से एमटेक की पढ़ाई की। शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने अपने लक्ष्य को लेकर निरंतर मेहनत जारी रखी और अपनी लगन व परिश्रम के बल पर लेफ्टिनेंट बनने का गौरव हासिल किया।

अल्का कहती है कि उन्होंने बीटेक की पढ़ाई की थी। वह बताती हैं कि वह रिलायंस में नौकरी कर रही थी लेकिन इस दौरान साथ में तैयारी करती रही और फिर उनकी सिलेक्शन हो गई। वह कहती हैं कि लोग सही गाइडेंस के साथ चलेंगे तो हमेशा सफलता रही। जो लोग डिफेंस में जाना चाहते हैं वो कड़ी मेहनत करते रहें। एक दिन सभी सफल होंगे।

अल्का के पिता बलवीर सिंह पठानिया सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद शिक्षा विभाग में प्रधानाचार्य के पद पर सेवाएं दे चुके हैं, जबकि उनकी माता रजनी पठानिया गृहिणी हैं। सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से ताल्लुक रखने वाली अल्का ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर परिवार का गौरव बढ़ाया है।

गांव पहुंचने पर अल्का का स्वागत करते हुए ग्रामीणों ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।ग्रामीणों ने कहा कि अल्का की सफलता क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने अपनी उपलब्धि से लाड़थ बाड़ी सहित पूरे नूरपुर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

पिता बलवीर सिंह पठानिया ने कहा कि मेरी बेटी ने कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किय है और वह चाहते हैं कि हर गांव से ऐसे ही बच्चा आगे बढ़े है। बेटी के लिए अपनी तरफ से पूरा मार्गदर्शन दिया है और वह 15 साल तक प्रिंसिपल रहे हैं। बच्चे अपने टीचर्स की बातों को फोलो करें तो कभी नाकामयाब नहीं होंगे।

--Advertisement--
--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

धर्मशाला की मेघना पुरी को PM मोदी का जवाब, राखी और शुभकामनाओं के लिए कहा धन्यवाद

धर्मशाला की मेघना पुरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने...