बद्दी- रजनीश ठाकुर
हिमाचल प्रदेश औषधि नियंत्रण प्रशासन और हरियाणा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर बद्दी में संचालित एक फर्जी फार्मा कंपनी का भंडाफोड़ किया है।
आरोपी अजय कुमार को गिरफ्तार कर हरियाणा पुलिस अपने साथ कैथल ले गई है। आरोपी मूल रूप से कांगड़ा का रहने वाला बताया जा रहा है, जबकि आधार कार्ड में उसका पता बद्दी का है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी जाली दवा निर्माण लाइसेंस, नकली जीएमपी और जीएलपी प्रमाणपत्रों के आधार पर खुद को वैध दवा निर्माता बताकर खरीदारों से ऑर्डर लेता था।
जानकारी के अनुसार आरोपी बद्दी के शीतलपुर क्षेत्र में कार्यालय संचालित कर रहा था। यहां महिला कर्मचारी के माध्यम से विभिन्न राज्यों के दवा कारोबारियों और खरीदारों से फोन पर संपर्क कर ऑर्डर बुक किए जाते थे।
आरोपी मैसर्ज डॉ. ट्रस्टमेड के नाम से फर्जी फार्मा कंपनी चला रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी दवा निर्माण लाइसेंस, नकली जीएमपी और जीएलपी प्रमाणपत्र सहित कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं।
राज्य औषधि नियंत्रक मनीष कपूर के बोल
राज्य औषधि नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि बद्दी में फर्जी फार्मा कंपनी संचालित किए जाने की सूचना मिलने पर हरियाणा पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया गया।
आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई के लिए हरियाणा पुलिस के हवाले कर दिया गया है। अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये के ऑर्डर लेकर आपूर्ति न करने का मामला सामने आया है।
आशंका है कि आरोपी ने इसी तरह कई अन्य कारोबारियों को भी ठगा होगा। पुलिस जांच में कई खुलासे हो सकते हैं।
ऐसे हुआ खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब कैथल और जीरकपुर के दो दवा खरीदारों ने आरोपी को करीब डेढ़ लाख रुपये के दवा ऑर्डर दिए, लेकिन भुगतान या ऑर्डर लेने के बावजूद उन्हें दवाओं की आपूर्ति नहीं की गई। इसके बाद कैथल के एक खरीदार ने साइबर पुलिस थाना कैथल में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर हरियाणा पुलिस ने जांच शुरू की और हिमाचल प्रदेश औषधि नियंत्रण प्रशासन से संपर्क किया। संयुक्त टीम ने बुधवार रात को बद्दी में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

