हिमखबर डेस्क
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकवादियों ने एक हेड कांस्टेबल की हत्या की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों ने अनंतनाग में लाल चौक के पास हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी पर करीब से अंधाधुंध गोलीबारी की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गये।
अधिकारियों ने कहा, “घायल पुलिसकर्मी को तुरंत इलाज के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अनंतनाग ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।”
इस हमले के बाद सुरक्षाबलों ने त्वरित और व्यापक कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की और हमलावरों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया है।
गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए भीषण नरसंहार के बाद कश्मीर घाटी में यह पहला आतंकी हमला है। जिसमें आतंकवादियों ने पर्यटकों पर गोलीबारी कर 26 लोगों को मारा था।
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर सामने आए सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि हमलावर एक दुकान से बाहर निकलते ही हेड कांस्टेबल कुरैशी का पीछा करता है और बेहद करीब से उन पर गोलियां चलाकर मौके से फरार हो जाता है।
यह हमला अनंतनाग जिले में ऐसे समय में हुआ है जब अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं। प्रतिकूल मौसम के कारण यह तीर्थयात्रा रविवार से स्थगित है।
इस बीच, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि यह जघन्य कृत्य बिना सजा के नहीं रहेगा।
मनोज सिन्हा ने इस आतंकवादी हमले के बाद स्थिति की समीक्षा के लिए पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात से भी बात की।
उन्होंने एक बयान में कहा, “कर्तव्य के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी के परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। पूरा देश शहीद के परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।”
उपराज्यपाल ने हमले की “कायरतापूर्ण” और “जघन्य कृत्य” के रूप में निंदा करते हुए जोर देकर कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।

