हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध पौंग झील में इन दिनों मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसके बावजूद कुछ लोग अवैध रूप से शिकार करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे लोगों पर शिकंजा कसते हुए मत्स्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।
16 जून से 15 जुलाई तक विभाग ने अवैध मछली शिकार के 108 मामले पकड़े हैं। इन सभी मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों से कुल 96,800 रुपए का जुर्माना वसूला गया है।
मत्स्य विभाग के अतिरिक्त सहायक निदेशक संदीप कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग की टीमों ने क्लोज सीजन के दौरान पौंग झील क्षेत्र में लगातार और सघन निगरानी अभियान चलाया।
गश्त के दौरान बरनाली, नगरोटा सूरियां, हरिपुर, धमेटा, नंदपुर, देहरा और इसके आसपास के तटीय क्षेत्रों में छापेमारी की गई। इस दौरान 108 लोगों को कुंडी और डोरी की मदद से चोरी-छिपे मछली पकड़ते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
अतिरिक्त सहायक निदेशक संदीप कुमार ने बताया कि मानसून का यह समय मछलियों का प्रजनन काल होता है। मछलियों की वंश वृद्धि को सुरक्षित रखने और प्राकृतिक ईकोसिस्टम को बनाए रखने के लिए ही हर साल इस अवधि के दौरान मछली पकड़ने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहता है!
लेकिन हैरानी की बात यह है कि कुछ लोग चंद मुनाफे के लिए इन महत्वपूर्ण नियमों की अनदेखी कर रहे हैं और जलीय संपदा को नुक्सान पहुंचा रहे हैं।
मत्स्य विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध शिकार करने वालों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी। संदीप कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, उनके खिलाफ विभाग कड़ी कानूनी कार्रवाई कर रहा है।
अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए विभाग की टीमें लगातार दिन-रात झील क्षेत्र में गश्त कर रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे नियमों का सख्ती से पालन करें और पौंग झील की बहुमूल्य मत्स्य संपदा के संरक्षण में विभाग का सहयोग दें।

