हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के एक परिचालक का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में परिचालक टिकट चेकिंग के दौरान हुई कार्रवाई के बाद अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए वेतन, रिकवरी और कर्मचारियों पर पड़ रहे मानसिक दबाव को लेकर गंभीर सवाल उठाता दिखाई दे रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला शिमला जिले के तारादेवी डिपो से संबंधित एक बस का बताया जा रहा है, जो रामपुर की ओर जा रही थी। रास्ते में टिकट निरीक्षण दल ने बस की नियमित जांच की। जांच के दौरान एक यात्री बिना टिकट यात्रा करता मिला, जिसके बाद परिचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई।
इसी दौरान परिचालक भावुक हो गया और उसने कैमरे के सामने अपनी व्यथा साझा की। वायरल वीडियो में वह कहता सुनाई देता है कि उसे करीब ₹12 हजार वेतन मिलता है, जबकि छोटी-छोटी त्रुटियों पर ₹5 हजार तक की रिकवरी कर दी जाती है। वह सवाल उठाता है कि इतनी कम आय में परिवार का पालन-पोषण करने के साथ इतनी बड़ी रिकवरी कैसे भरी जा सकती है।
वीडियो में परिचालक यह भी आरोप लगाता है कि कर्मचारियों को लगातार मानसिक दबाव में काम करना पड़ता है। उसने निलंबन और नौकरी जाने के डर का जिक्र करते हुए कहा कि परिवार और छोटे बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच ऐसी परिस्थितियां कर्मचारियों को मानसिक रूप से परेशान कर रही हैं।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है और इसने HRTC कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों तथा जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर नई चर्चा छेड़ दी है।
वहीं, HRTC प्रबंधन की ओर से भी इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि संबंधित परिचालक के खिलाफ आगे कोई विभागीय कार्रवाई की गई है या नहीं।
यदि भविष्य में निगम या संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण जारी किया जाता है, तो उसी के आधार पर स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

