हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली में सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। राजधानी में स्कूल गेट के बाहर मीनाक्षी पर तीन गोलियां मारकर हमलावर फरार हो गया, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। राजधानी में हुई इस घटना से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
41 वर्षीय मनीषा पत्नी डाक्टर सुभाष यादव, निवासी एनएच-8, गोल्टन हाइट्स, विला सोसायटी -150, रेवाड़ी, हरियाणा की रहने वाली थीं। मनीषा मित्तल का परिवार लंबे समय से स्कूल की संपत्ति को लेकर विवाद में उलझा था।
इसी विवाद को लेकर मनीषा मित्तल ने इस वर्ष शिकायत के माध्यम से अपने ही कुछ स्वजन पर मानसिक प्रताड़ना और परेशान करने के आरोप लगाए थे। स्कूल के कब्जे को लेकर भाई से विवाद था।
मनीषा इंटरनेट मीडिया पर भी लगातार सक्रिय रहती थीं। उन्होंने कई पोस्ट में तीन लोगों पर उन्हें परेशान करने, दबाव बनाने और उनकी जिंदगी को नर्क बनाने तक के आरोप लगाए थे। परिवार के भीतर चल रहे इस विवाद की चर्चा लंबे समय से होती रही है।
एक दिन पहले इंटरनेट मीडिया पर की थी पोस्ट
एक दिन पहले मनीषा मित्तल ने इंटरनेट मीडिया पर लिखा था कि “मैं कोई मामला हार नहीं रही हूं, इसलिए गलत कदम उठाने जैसी बातें करना गलत है। झूठ फैलाने के अलावा लोगों के पास कोई काम नहीं है। जब तक सच्चाई सामने न आ जाए, किसी को कुछ भी कहने से पहले सोचना चाहिए। जिस दिन सच सबके सामने आएगा तब झूठ फैलाने वालों के पास कहने को कुछ नहीं होगा।”

