कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, 14 मुहाल क्षेत्रों में सडक़ निर्माण-भूमि अधिग्रहण की पैमाइश शुरू

--Advertisement--

हिमखबर डेस्क

गगल हवाई अड्डे के विस्तारीकरण की बहुप्रतीक्षित परियोजना को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। एयरपोर्ट विस्तार के अंतर्गत 14 मुहाल क्षेत्रों में प्रस्तावित 12 मीटर चौड़ी सडक़ के निर्माण तथा पूर्व सर्वेक्षण के दौरान छूट गए खसरा नंबरों की पुन: पैमाइश का कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे एयरपोर्ट विस्तार योजना को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्त्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है।

क्रैडल टीम के समन्वयक रंजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि एयरपोर्ट भूमि समाहर्ता उपमंडलाधिकारी (नागरिक) कांगड़ा इशांत जसवाल एवं उपमंडलाधिकारी (नागरिक) शाहपुर डा. गणेश ठाकुर द्वारा जारी आदेशों के अनुसार गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण परियोजना के अंतर्गत पहले की गई पैमाइश में जिन खसरा नंबरों को शामिल नहीं किया जा सका था, उनकी पुन: पैमाइश की जा रही है।

इसके साथ ही एयरपोर्ट तक बेहतर संपर्क सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रस्तावित 12 मीटर चौड़ी सडक़ के निर्माण हेतु आवश्यक भूमि अधिग्रहण संबंधी सर्वेक्षण भी आरंभ कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुहाल जुगैहड़, रछियालू, कियोड़ी तथा अन्य प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर कार्य शुरू कर दिया है।

इस दौरान भूमि की सीमाओं का निर्धारणए प्रभावित परिसंपत्तियों का आकलन तथा आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। परियोजना से जुड़े सर्वेक्षण कार्य में राजस्व विभाग के अलावा कृषि, उद्यान, वन तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।

संयुक्त टीमों द्वारा भूमि अधिग्रहण की जद में आने वाले भवनों, मकानों, दुकानों तथा अन्य निर्माणों की पैमाइश की जा रही है। साथ ही प्रभावित क्षेत्र में मौजूद फलदार एवं गैर-फलदार वृक्षों की गणना कर उनकी श्रेणीवार रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है, ताकि मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया पारदर्शी एवं निष्पक्ष ढंग से पूरी की जा सके। स्थानीय लोगों की नजरें भी इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना पर टिकी हुई हैं।

गगल एयरपोर्ट का विस्तार प्रदेश के पर्यटन, व्यापार और परिवहन क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। विस्तार के बाद बड़े विमानों की आवाजाही संभव होने की उम्मीद है, जिससे धर्मशाला, कांगड़ा तथा आसपास के क्षेत्रों को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर हवाई संपर्क प्राप्त हो सकेगा।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सर्वेक्षण एवं पैमाइश का कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इसके बाद भूमि अधिग्रहणए मुआवजा निर्धारण तथा अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

--Advertisement--
--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

15 जून को हिमाचल प्रदेश में होगा मेगा मॉक ड्रिल, कांगड़ा के उपमंडलों में 12 घंटे चलेगा अभ्यास

धर्मशाला, 13 जून - हिमखबर डेस्क आपदा प्रबंधन की तैयारियों...

असम के जोरहाट एयरबेस पर बड़ा हादसा, वायुसेना का AN-32 विमान क्रैश, पांच जवान शहीद

हिमखबर डेस्क भारतीय वायु सेना का AN-32 विमान असम के...