जाईका स्वरोजगार कार्यक्रम: लखाला गांव की महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर

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स्वारघाट/बिलासपुर – सुभाष चंदेल

हिमाचल प्रदेश सरकार महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चला रही है। इसी कड़ी में वन विभाग द्वारा जाईका स्वरोजगार कार्यक्रम के तहत स्वयं सहायता समूह गठित किए गए हैं, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

लखाला गांव में स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है, जिनमें महिलाओं को विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जैसे: बैग निर्माण, होजरी उत्पाद निर्माण, खाद्य उत्पाद तैयार करना (सेमिया, सेपू बड़ी, सीरा आदि)।

लखाला स्वयं सहायता समूह की प्रधान मीरा शर्मा ने बताया कि वन विभाग द्वारा महिलाओं को पहले व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया गया और फिर उत्पाद निर्माण के लिए आवश्यक मशीनें भी उपलब्ध करवाई गईं। इससे महिलाएं अब अपने घरों में ही रोजगार प्राप्त कर रही हैं और आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और उन्हें खुशी से बात की है कि उनके द्वारा बनाई गई उत्पादों की नलवाड़ी मेले में भी प्रदर्शन लगाई गई।

मीरा शर्मा ने बताया कि आजकल बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थों की भरमार है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्थानीय महिलाओं द्वारा बनाए गए शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों को अपनाएं और इस मिशन को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।

यह पहल गांव की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें स्वास्थ्यवर्धक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के निर्माण से जोड़ रही है। यह न केवल उनके आजीविका का स्रोत बना, बल्कि समाज को मिलावटमुक्त उत्पाद उपलब्ध कराने में भी मदद कर रहा है। इस पहल से न केवल लखाला गांव की महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं, बल्कि वे पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

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