शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम को उच्च न्यायालय से एक बड़ी राहत मिली है। हाल ही में 22 नवंबर को हुई सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के 9 होटल को 31 मार्च तक खुले रखने के आदेश जारी किए थे। अब 25 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान, 19 नवंबर को 18 होटलों को बंद करने के आदेश पर स्टे लगा दिया गया है। यह पर्यटन विकास निगम के लिए यह एक बड़ी राहत है। इस मामले पर अगली सुनवाई 3 जनवरी 2025 को होनी है।
22 नवम्बर को हुए थे 9 होटलों को खुले रखने के आदेश
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने 22 नवम्बर को 9 होटलों को 31 मार्च तक खुला रखने की अनुमति दी थी। इनमें चायल का पैलेस होटल, केलांग का चंद्रभागा, खज्जियार का देवदार, कियरीघाट का मेघदूत, मनाली का लॉग हट्स और कुंजम, मैक्लोडगंज का भागसू, नग्गर का कासल और धर्मशाला के धौलाधार होटल को खुले रखने की अनुमति दी है।
अन्य सभी होटलों को बंद करने के लिए 25 नवंबर तक का समय दिया गया था। उच्च न्यायलय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि HPTDC के प्रबंध निदेशक आदेश की अनुपालना करवाने के लिए निजी तौर पर जिम्मेवार होंगे लेकिन, अब HPTDC को उच्च न्यायलय से राहत मिल गई है।
कौन से 18 होटलों को बंद करने के हुए थे 19 नवंबर को आदेश
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायलय ने 19 नवंबर को 18 होटलों को बंद करने के आदेश जारी किए थे, जिनमें कई बड़े होटल भी शामिल थे। इनमें चायल का द पैलेस होटल, डलहौजी का गीतांजलि, दाड़लाघाट का बाघल, धर्मशाला का धौलाधार, कुणाल और कश्मीर हाउस, फागू का एप्पल ब्लॉसम, केलांग का चंद्रभागा, खजियार का देवदार, खड़ापत्थर का गिरीगंगा, कियारीघाट का मेघदूत, कुल्लू का सरवरी, मनाली का लॉग हट्स, कुंजम और हडिम्बा कॉटेज, मैक्लोडगंज का भागसू, नग्गर का द कैसल, और परवाणु का शिवालिक होटल शामिल है।

