मिड-डे मील वर्करों से स्कूलों में करवाई जा रही सफाई
चम्बा – भूषण गुरुंग
सरकारी स्कूलों में रखे मिड-डे मील वर्करों से साफ-सफाई का कार्य करवाया जा रहा है। इसको लेकर सीटू शीघ्र शिक्षा विभाग के खिलाफ आंदोलन कर सकती है।
मिड-डे मील वर्करों का कार्य बच्चों के लिए खाना बनाना है। स्कूलों में साफ-सफाई करने के लिए अलग स्टाफ की नियुक्ति सरकार ने की है। यह बात सीटू के जिला अध्यक्ष नरेंद्र कुमार ने मिड-डे मील वर्कर यूनियन खंड इकाई की बैठक में कही।
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने मिड-डे मील वर्करों को 12 महीने का वेतन जारी करने के निर्देश दिए हैं।
इन निर्देशों का पालन करते हुए विभाग को शीघ्र उनके वेतन का भुगतान करना चाहिए। मिड-डे मील वर्कर बिना वेतन स्कूलों में कार्य करने को मजबूर हैं।
पैसे नहीं मिलने के कारण उन्हें अपने परिवार का पालन-पोषण करने में कठिनाई हो रही है। कई स्कूलों में देखने को मिल रहा है कि मिड-डे मील वर्करों से जबरन सफाई का कार्य करवाया जा रहा है। जो वर्कर इस कार्य को करने से मना करते हैं, उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी भी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि विभाग ने इस तरह की मनमानी को बंद नहीं किया तो जल्द ही यूनियन शिक्षा निदेशक कार्यालय का घेराव करेगी।
ये रहे उपस्थित
बैठक में ओम प्रकाश, भीमसेन, सरोज, बिमला, रीता, दिनेश, मुनो देवी, शीला, सावित्री सहित अन्य मौजूद रहे।

