व्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के गृह जिला हमीरपुर में एक महिला अपने परिवार के साथ घर में कैद होकर रह गई है. जमीनी विवाद के चलते पड़ोसियों ने घर के आंगन में ही कंटीली तार के साथ बडी-बडी टीन की चादरों से बाढ़बंदी कर दी है.
हालांकि ग्राम पंचायत जंगलरोपा के गांव मसियाना की पीड़ित महिला कविता ने इसकी शिकायत कई बार जिला प्रशासन के साथ-साथ पुलिस थाने में भी की है, लेकिन ढिलमुल रवैया के चलते पिछले पन्द्रह दिन से महिला अपने घर में कैद है.
महिला के साथ 90 वर्षीय बुजुर्ग सास भी घर के अंदर कैद है, जो कि हदय रोगी है. यही नहीं, पडोसियों ने महिला के घर के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, ताकि महिला की कोई भी मदद न कर सके. हालांकि, महिला की मदद के लिए सड़क पर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों ने राशन पानी मुहैया करवाया है, लेकिन उन्हें भी पड़ोसी धमका रहे हैं.
पीड़ित परिवार का कहना कि एक नहीं, बल्कि, कईं दफा पंचायत, पुलिस और प्रशासन के पास शिकायत दी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है. पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि समस्या का समाधान करने के बजाये पंचायत के प्रतिनिधि उनपर दूसरे पक्ष को जमीन देने का दबाव बनाते हैं.
घर में कैद महिला कविता का कहना कि उनके घर के चारों ओर पड़ोसियों ने टीन की बाढ़बंदी कर दी है. घर के चारों ओर सीसीटीवी कैमर में भी लगाए गए है. पड़ोसी सड़क तक जाने का रास्ता नहीं देते हैं. प्रवासी मजदूर उन्हें बाड़ की दूसरी तरफ से जरूरी चीजे देते हैं.
उनकी सास हार्ट की मरीज है. महिला का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधि कई दफा मौके पर आएं है, लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाये दूसरे पक्ष को जमीन देने का दबाव उनपर बनाते हैं. वह ना तो मंदिर जा पा रहे हैं और ना ही अस्पताल.
कविता का कहना कि उनकी बेटी की शादी भी हो चुकी है. साल 2012 में उन्होंने मकान बनाया था और सरकार की तरफ अटल आवास योजना के घर के निर्माण के लिए 48 हजार रुपये मिला है.
उन्होंने बताया कि पड़ोसी उन्हें बेटे पर केस लगाने की धमकी देते हैं. कविता ने बताया कि इमरजेंसी में सीढ़ी लगाकर वह रिश्तेदारों को घर में बुलाते हैं तो पड़ोसी उनके के साथ गाली गलौज करते हैं.
प्रवासी मजदूर दुर्गा का कहना कि यह परिवार बेहद मुश्किल में है. वह परिवार की मदद के लिए खाने पीने की चीजें बाड़ से दूसरी तरफ फेंक कर पहुंचा देते हैं, लेकिन दूसरे पक्ष के लोग उन्हें भी धमकी देते हैं.
उनके ठेकेदार से भी दूसरे पक्ष के लोग शिकायत करते हैं, लेकिन वह इंसानियत के नाते परिवार को जरूरत की चीजें देती हैं. दूसरे पक्ष के लोग उनपर भी झूठे केस लगाने की धमकी देते हैं.

