हिमखबर डेस्क
जिला मुख्यालय ढालपुर के क्षेत्रीय अस्पताल में हिमकेयर योजना के तहत उपचार के दौरान अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। अस्पताल में भर्ती एक मरीज के तीमारदार तनुज कुमार ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर आरोप लगाया कि ऑपरेशन के बाद हिमकेयर योजना के तहत मिलने वाली दवाइयों के लिए पैसों की मांग की गई।
तीमारदार तनुज कुमार के बोल
तनुज कुमार का कहना है कि उनकी माता का हिमकेयर योजना के तहत ढालपुर अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था। नियमों के अनुसार, ऑपरेशन के बाद 10 दिनों तक दवाइयां मुफ्त मिलनी चाहिए, लेकिन नागरिक आपूर्ति विभाग के दवा काउंटर पर केवल पांच दिन की दवाइयां ही दी गईं और शेष दवाओं के लिए पैसे मांगे गए।
वीडियो में यह भी आरोप लगाया गया कि दवा काउंटर पर बैठे व्यक्ति ने दवाइयां वापस रख लीं और उन्हें धमकी भी दी।तनुज के अनुसार, इस बारे में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
मीडिया से बातचीत के दौरान तनुज ने कहा कि हिमकेयर जैसी जन-कल्याणकारी योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद लोगों को निशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान करना है। यदि अस्पतालों में इस तरह से वसूली की जा रही है, तो यह सीधा भ्रष्टाचार का मामला है।

विधायक सुंदर ठाकुर के बोल
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कुल्लू के विधायक सुंदर ठाकुर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं. विधायक के हस्तक्षेप के बाद विभाग हरकत में आया है।
कार्यकारी एमएस डॉ. हीरा लाल के बोल
वहीं, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के कार्यकारी एमएस डॉ. हीरा लाल ने कहा कि दवा के नाम पर पैसे मांगने की शिकायत मिली है। संबंधित दुकानदार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है और जवाब आने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फार्मासिस्ट ने नकारे आरोप
वहीं, दूसरी ओर नागरिक आपूर्ति विभाग के काउंटर पर तैनात फार्मासिस्ट ने इन आरोपों को नकारा है। उनका कहना है कि मरीज को पहले ही 28,600 रुपये और 1,300 रुपये का सामान निशुल्क दिया जा चुका था। उन्होंने सफाई दी कि एक विशेष प्रोटीन पाउडर दुकान में उपलब्ध नहीं था, जिसके कारण उसे बाहर से खरीदने की सलाह दी गई थी।फार्मासिस्ट का दावा है कि तीमारदार से किसी भी प्रकार के पैसों की मांग नहीं की गई थी।

