हिमख़बर डेस्क
केएनएच अस्पताल से गायनी वार्ड को आईजीएमसी शिफ्ट करने का विरोध करने वाले मेडिकल टीचर एसोसिएशन सेमडिकॉट को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जवाब दिया है।
उन्होंने कहा कि डॉक्टर एसोसिएशन द्वारा दी गई धरने की चेतावनी सही नहीं है। राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मदर एंड चाइल्ड के लिए भारत सरकार ने अलग अस्पताल बनाए गए हैं। सरकार ने सिर्फ गायनी ओपीडी आईजीएमसी भेजी है।
इससे महिलाओं को बेहतर इलाज मिलेगा। उनकी आधुनिक रोबोटिक सर्जरी से इलाज मिलेगा। केएनएच के पास जो अल्ट्रासाउंड है मैं तो उसको बदलने की कोशिश कर रहा हूं। उसमें भी साफ कुछ नहीं दिखता। इसलिए इस कदम का विरोध करना गलत बात है।

आईजीएमसी में महिलाओं को अच्छा इलाज मिलेगा और मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल को वहीं रखेंगे। कुछ डॉक्टर्स को वहां फिक्स किया गया है, जो वहीं रहेंगे। बाकी व्यवस्था पहले की तरह चलेगी।
भाजपा महिला मोर्चा की पदयात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि भाजपा का महिला आरक्षण पर विरोध प्रदर्शन हाथी के दांत की तरह है। खाने के और, दिखाने के और।
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल तो 2023 में पास हो चुका है। बीजेपी का धरना इस बात को इंगित करता है कि भाजपा इसे लागू नहीं करना चाहती।
1500 करोड़ रुपए पर भाजपा ने साधी चुप्पी
सीएम ने कहा कि आपदा और आरडीजी बंद होने पर भाजपा ने कोई धरना नहीं दिया और 1500 करोड़ रुपए के मुद्दे पर कोई बात नहीं कर रहे सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए धरना दे रहे है।
मल्लिकार्जुन खडग़े पर दर्ज एफआईआर को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वो अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं। उन पर एफआईआर दर्ज कर उनकी आवाज दबाने और उन्हें धमकाने की कोशिश कर रहे है।

