
नूरपुर- देवांश राजपूत
सरकार एक तरफ बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा देती है दूसरी और अपनी ही योजनाओं में बेटियों के साथ करती है भेदभाव,सरकार ने बीपीएल के तहत आने वाली बेटियों के लिए कन्यादान योजना तो शुरू कर दी लेकिन जो लोग गरीब हैं और बीपीएल में नही हैं उनकी बेटियों को इस योजना से बाहर रखा गया है।
यह बात ब्लॉक कांग्रेस महिला कांग्रेस अध्यक्ष रोजी जम्वाल ने कही। उन्होंने कहा की हैरानी इस बात की है कि सरकार सिर्फ बीपीएल में आने वाली लड़कियों को शादी के लिए 31000 रुपए दे रही है जबकि जिनके घर टूटने की कगार पर है, परिवार गरीबी की मार झेल रहा है, उनकी बेटियों को नजरन्दाज किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कई लोग ऐसे हैं जो दिहाड़ी लगाकर कमाते हैं लेकिन उनके नाम बीपीएल में शामिल नही हैं। ऐसे में इन लोगों की बेटियों को इस योजना के दायरे से बाहर रखना कहां तक न्यायसंगत है।
जम्वाल ने कहा कि सरकार एक तरफ बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा देती है दूसरी और अपनी ही योजनाओं में बेटियों के साथ भेदभाव करती है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि गरीब परिवार की सभी बेटियों को कन्यादान योजना में शामिल किया जाए, जिससे उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ ना पड़े।
