हिमखबर डेस्क
राजकीय महाविद्यालय चुवाड़ी परिसर में महाविद्यालय की संपत्ति तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे वृक्षों की आवश्यक छंटाई की गई, जिनकी शाखाएँ या स्थिति संभावित रूप से जोखिमपूर्ण हो सकती थीं।
इस कार्य के लिए उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) भटियात से विधिवत अनुमति प्राप्त की गई। प्राचार्य डॉक्टर संजय सिंह पठानिया ने इसके बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि महाविद्यालय की संपत्ति तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उपमंडलाधिकारी से अनुमति प्राप्त की गयी जिन्होंने ने धारा 152 (1) बी एन एस एस 123 के तहत ऐसे पेड़ो की कटाई एवं छंटाई के आदेश पारित किये जिनसे की जान-माल का खतरा पैदा हो सकता है।
उन्होंने बतया कि छंटाई के लिए वन विभाग से उचित अनुमति भी प्राप्त की गयी और लगवन विभाग के अधिकारियों द्वारा काटी गयी लक्कड़ी की समीक्षा कने उपरान्त नीलामी प्रक्रिया भी निर्धारित नियमों के अनुसार की गयी और उचित बोली लगाने वाले बोलीदाता को नियमानुसार लकड़ी आवंटित की गई और कटाई से प्राप्त बालन लकड़ी के निस्तारण हेतु वन विभाग से आवश्यक परमिट भी लिया गया।
नीलामी द्वारा प्राप्त धनराशी जिसका मूल्य 35000/- रूपये (कतई एवं छंटाई समेत) था उस राशि को राजकीय कोष (Treasury) में उचित नियमो अनुसार जमा करवा दिया गया है।
महाविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वृक्षों की छंटाई केवल सुरक्षा एवं परिसर के सुव्यवस्थित रखरखाव के उद्देश्य से की गई है। इस पूरी प्रक्रिया में संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त करने के साथ-साथ सभी कार्य नियमानुसार एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न किए गए।

