मंडी – अजय सूर्या
समय से पहले आई बरसात ने हिमाचल में अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मंडी में इस वक्त सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। जिला के विभिन्न क्षेत्रों से आई तस्वीरें बयां कर रही हैं कि बादल फटने से किस तरह की तबाही हुई है। सोमवार सुबह से जारी बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है।
मंडी के करसोग और धर्मपुर इलाके में बादल फटने से 4 लोगों की की मौत हो गई है। धर्मपुर में 2 घर बह गए हैं, जबकि पांच गोशालाएं बाढ़ की भेंट चढ़ गई हैं। बादल फटने से यहां 26 पशु मर गए हैं। करसोग में चार लोग लापता हैं, जबकि एक शव को निकाल लिया गया है। इसके अलावा 99 लोग सुरक्षित जगह शिफ्ट किए गए हैं।
धर्मपुर क्षेत्र में भी बादल फटा है। शरण गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। सिराज के बगस्याड़ समेत पूरे इलाके में बादल फटने से कई घर, गाडिय़ां पानी और मलबे में दब गए।
गोहर उपमंडल के स्यांज नाले में बना एक घर फ्लैश फ्लड में बह गया। यहां पर मां बेटी को बचा लिया गया, लेकिन सात लोग सैलाब में बह गए हैं। मूसलधार बारिश ने मंडी जिले में हालात बिगाड़ दिए हैं जिले के तमाम नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।
बाखली खड्ड पर 2008 में बना 16 मेगावाट का पटिकरी पावर प्रोजेक्ट तबाह हो गया है। भारी बारिश के अलर्ट के चलते जिला कांगड़ा के शिक्षण संस्थान मंगलवार को प्रशासन ने बंद कर दिए हैं।

