हिमखबर डेस्क
समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय युवा सामाजिक कार्यकर्ता बीजू हिमदल ने अपने स्वर्गीय पिता की तीसरी पुण्यतिथि पर रक्तदान कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह उनके जीवन का 36वाँ रक्तदान रहा। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं से अपील की कि विशेष अवसरों को केवल स्मरण तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें सेवा और समाजहित के कार्यों से जोड़ें।
बीजू हिमदल युवाओं को संगठित कर टीम सहभागिता का संचालन कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में टीम नशा मुक्ति अभियान, सड़क सुरक्षा जागरूकता, पौधारोपण, दिव्यांगजन जागरूकता और रक्तदान शिविरों के आयोजन जैसे कई सामाजिक सरोकारों पर निरंतर कार्य कर रही है।
आपदा की स्थिति हो या बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम, वे जिला प्रशासन को युवा स्वयंसेवकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करवाते रहे हैं। बीजू का मानना है कि यदि युवा शक्ति को सही दिशा और सकारात्मक उद्देश्य मिले, तो समाज में व्यापक परिवर्तन संभव है। उनका जीवन समाजसेवा और जनजागरूकता को समर्पित है।
मनाली के बशकोला गांव से संबंध रखने वाले बीजू हिमदल आज क्षेत्र में युवाओं के प्रेरणा स्रोत के रूप में पहचाने जाते हैं। उनका सतत प्रयास यह संदेश देता है कि सच्ची श्रद्धांजलि वही है, जो समाजहित और मानव सेवा से जुड़ी हो। वर्तमान में वे साम्फिया फाउंडेशन में कार्यक्रम प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे विशेष रूप से दिव्यांगता के विषय में जागरूकता फैलाने और समावेशी समाज के निर्माण के लिए प्रयासरत हैं।

