हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश में पक्की नौकरी देने का वादा करके सत्ता में आई कांग्रेस पार्टी अब अपने वादे से मुखर रही है। इसका ताजा उदाहरण देखने को मिला है। सुक्खू सरकार ने हिमाचल प्रदेश के टांडा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ऑउटसोर्स में भर्तियां करने को मंजूरी दी है। इसकी नोटिफिकेशन भी जारी हुई है।
जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के टांडा में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल है। यहां पर सरकार 458 पदों पर ऑउटसोर्स के जरिये भर्ती की जा रही है। हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव डॉक्टर अश्वनी कुमार शर्मा की तरफ से आदेश जारी किए गए हैं।

आदेशो के अनुसार, कुल 458 पदों पर भर्ती होगी। इसमें से 300 पद नर्सों के भरे जाएंगे। साथ ही वार्ड ब्वाय, ऑपरेशन थियेटर सहित अन्य खाली पदों को भी भरा जाएगा। हिमाचल प्रदेश में विधासभा चुनाव से पहले कई मंचों पर जोर शोर से मुकेश अग्निहोत्री ने कहा था कि कांग्रेस जब सत्ता में आएगी तो लोगों को रेगुलर नौकरी पर रखा जाएगा।
अब सरकार अपने वादे से मुखर गई है और डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने तो इस मसले पर चुप्पी साध ली है। वह भाजपा सरकार में हमेश ऑउटसोर्स पर नौकरी देने के मुद्दे पर घेराबंदी करते रहे हैं लेकिन अब चुप हैं।
ऑउटसोर्स पर होता है शोषण
हिमाचल प्रदेश में 35 से 40 हजार लोग ऑउटसोर्स पर नौकरी कर रहे हैं। निजी कंपनी के जरिये इन्हें रखा जाता है और ये कंपनियां ना तो समय पर सैलरी देती हैं ना ही तय वेतन मान दिया जाता है। कोविड में भी कुछ नर्सों को टांडा अस्पताल में रखा गया था, लेकिन इन्हें कई महीने तक वेतन नहीं मिला था और बाद में इन्हें नौकरी से भी निकाल दिया गया।
गौरतलब है कि सरकार शिक्षा विभाग में भी ऑउटसोर्स पर ही छह हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है, जिन्हें महज 10 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।

