
देहरा- शीतल शर्मा
देहरा विधानसभा का एक ऐसा गांव जहां एक अठारह साल का युवक सड़क न होने की वजह से समय पर उपचार न मिलने से दम तोड़ देता है जहां हल्की सी वारिश होने पर वच्चे स्कूल नही जा पाते, जहां एक छात्रा किसी प्रतियोगिता के एक स्तर पर तो अवल रहती है लेकिन दूसरे स्तर की परीक्षा इसलिए नही दे पाती क्योंकि उसके गांव की सड़क वारिश में नाला बन जाती है यह दास्तां है देहरा विधानसभा क्षेत्र के सकरी पंचायत के बल्ला गांव की.
आज अपनी इस समस्या से अवगत करबाने के लिए गांववासियों ने भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ सुकृत को बुलाया था. इस सड़क के बारे में बात करते हुए डॉ सुकृत ने कहा कि बीते दिन ही उन्हें इस गांव की सड़क सम्बन्धी समस्या के बारे में पता चला था. डॉ सुकृत ने कहा कि इस सड़क को देहरा के पूर्व विधायक रविंदर रवि ने 2016 की विधायक प्राथमिकता में डाला था लेकिन यह दुर्भग्यपूर्ण रहा कि 2017 के बाद इस रास्ते के निर्माण के लिए रत्ती भर कोशिश नही की.
डॉ सुकृत ने बताया कि इस सड़क में कुच्छ हिस्सा वन विभाग का आता है जिसके लिए लोक निर्माण विभाग को वन विभाग से अनुमति लेनी थी लेकिन विभाग के अधिकारियों ने इसके लिए कोई सकारात्मक कोशिश नही की परिणाम स्वरूप अधिकारी वन विभाग से अनापत्ति पत्र लेने हेतु पिछले तीन सालों से ऑनलाइन प्रक्रिया ही शुरू नही करबा पाए. और न ही संयुक्त निरीक्षण करबा पाए. डॉ सुकृत ने कहा कि अब इस सड़क के लिए उन्होंने अधिकारियों से बात की है जिसमे जल्द ही वचे हुए जरूरी काग़ज़ात व वाकी की ओउपचारिक्ताओं को पूरा करबा कर इस सड़क को वन विभाग की अनापत्ति हेतु भेजा जाएगा. .
लोक निर्माण विभाग के एस डी ओ गुरवचन सिंह ने बताया कि विभाग द्वार इन कार्यों के लिए रखे गए कंसल्टेंट आशीष कुमार के मुताबिक अभी तक भूमि संबंधी कागजात की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है पहले एफ सी ए के तहत फाइल तैयार होगी और उस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद ही काम हो सकता है ।
हालांकि गांव वालों के मुताबिक फाइल बनाकर काफी समय पहले ही विभाग को दे दी गई थी और उसमें अगर कोई कमी रहती है तो आगे का काम कंसलटेंट खुद करवाते हैं लेकिन दुर्भाग्यवश ऐसा आज तक नहीं हो पाया और गाँव के लोग आज तक बिना सड़क के काले पानी की सजा जैसे भुगतने को मजबूर है मौके पर मौजूद गांव वासियों ने जल्द सड़क बनाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है ।
