हिमखबर डेस्क
कहते हैं कि अगर इरादे पहाड़ों जैसे मजबूत हों, तो मंजिल खुद-ब-खुद कदम चूमती है। हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से राज्य से निकलकर क्रिकेट की दुनिया के सबसे बड़े मंच यानी आईपीएल तक का सफर तय करने वाले अमित राणा ने इस बात को सच कर दिखाया है।

आगामी 24 अप्रैल को बंगलुरु के ऐतिहासिक चिन्नास्वामी स्टेडियम में जब रॉयल चैलेंजर्स बंगलुरु और गुजरात टाइटंस की टीमें आमने-सामने होंगी, तब मैदान पर न्याय की बागडोर हिमाचल के बेटे अमित राणा के हाथों में होगी। अमित राणा का व्यक्तित्व बहुआयामी है।
वे पेशे से एक कुशल अधिवक्ता हैं, जो कोर्ट रूम में दलीलों से न्याय दिलाते हैं। उनके जीवन में अनुशासन की नींव उनके पिता, जो एक रिटायर्ड फौजी और सीनियर अधिवक्ता हैं, ने रखी। घर में जहां माता ने संस्कारों से सींचा, वहीं उनकी पत्नी (डेंटिस्ट) ने उनके इस कठिन सफर में कदम-कदम पर साथ दिया।

